कृषि को बनाएं बिज़नेस, मार्केटिंग की है ज़रूरत: बरेली में कृषि मंत्री बोले- यूपीए की सरकार में 60 हजार किसानों ने की थी आत्महत्या – Bareilly News h3>
मंडलीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी-2025 में किसानो को संबोधित करते कृषि मंत्री
मंडलीय गोष्ठी में पहुंचे कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि यूपीए सरकार में 60 हजार किसानों ने 10 साल के अंदर आत्महत्या की थी। अब यूपी में यह सिलसिला बंद हो गया। और ये सब बदलाव मोदी और योगी की नीतियों की वजह से हुआ।
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मंडलीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी-2025 में पहुचे अधिकारी
मंडलीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी-2025 का आयोजन
बरेली के जीआईसी ऑडिटोरियम में सोमवार को मंडलीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी-2025 का आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने की। उन्होंने कहा कि बीते 8 सालों में खेती में जबरदस्त सुधार आया है। इस दौरान खाद्यान्न उत्पादन बढ़ा है और गन्ना भुगतान में भी प्रदेश ने रिकॉर्ड बनाया है। बरेली मंडल की 10 चीनी मिलों ने शत-प्रतिशत भुगतान किया है और जिले में एक नई चीनी मिल खोलने का प्रस्ताव भी है।
मंडलीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी-2025 में पहुचे किसान
किसानों के लिए अब ‘विकास कृषि संकल्प अभियान’
कृषि मंत्री ने बताया कि भारत सरकार 29 मई से 12 जून तक ‘विकास कृषि संकल्प अभियान’ चलाएगी। इसके तहत हर न्याय पंचायत पर एक गोष्ठी होगी, जिसमें कृषि वैज्ञानिक, विभागीय अधिकारी और एक्सपर्ट किसानों को नई तकनीकों की जानकारी देंगे। इसका मकसद खेती को आत्मनिर्भर बनाना है।
मंडलीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी-2025 में मंच पर मौजूद कृषि मंत्री और अन्य जनप्रतिनिधि के साथ अधिकारी
ज्यादा मुनाफा पाने के लिए स्मार्ट खेती की सलाह
गोष्ठी में कृषि निदेशक ने किसानों को सलाह दी कि वे संतुलित मात्रा में उर्वरक और रसायनों का इस्तेमाल करें ताकि लागत कम हो और पैदावार बढ़े। साथ ही खरीफ सीजन में फसल बीमा कराने की भी अपील की गई। जो किसान जैविक या प्राकृतिक खेती कर रहे हैं, उन्हें पंजीकरण कराने और टेस्टिंग लैब की सुविधा देने की बात कही गई।
मंडलीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी-2025 में किसानो को संबोधित करते कृषि मंत्री
बीज की किल्लत नहीं, हर फसल के लिए पर्याप्त स्टॉक
बीज विकास निगम के मैनेजिंग डायरेक्टर ने बताया कि किसानों की मांग के हिसाब से हर किस्म के बीज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराए जाएंगे। किसानों को भरोसा दिलाया गया कि बीजों की कोई कमी नहीं होगी।
छुट्टा पशुओं की समस्या पर भी गंभीर हुई सरकार
प्रमुख सचिव (कृषि) ने बताया कि छुट्टा पशुओं की समस्या को हल करने के लिए सरकार लगातार एक्शन में है। इसके लिए किसानों से सहयोग मांगा गया। गन्ना की पुरानी किस्म 038 में लग रहे रोग को लेकर भी सरकार ने जानकारी दी कि लगभग 36% क्षेत्र में नई किस्में लगा दी गई हैं।
धान कम, दलहन-तिलहन और मक्का पर ज़ोर
बरेली और मुरादाबाद मंडल के DM और अन्य अफसरों ने खरीफ 2025 की रणनीति बताई। इस बार धान की खेती में कुछ जगह कटौती की गई है और उसकी जगह दलहन, तिलहन और मक्का की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 30 करोड़ रुपये की राशि किसानों को दी गई है।
कृषि को बनाएं बिज़नेस, मार्केटिंग की है ज़रूरत
गोष्ठी में अधिकारियों ने कहा कि खेती सिर्फ जीने का जरिया नहीं, बल्कि इसे मुनाफे वाला बिज़नेस बनाना है। इसके लिए जरूरी है कि किसान अपनी फसलों की सही मार्केटिंग करें। आर्गेनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए लैब की ज़रूरत भी बताई गई। इसके लिए पीलीभीत में बासमती धान रिसर्च सेंटर बनाया जा रहा है।
अलग-अलग ज़िलों से आए किसानों ने रखी अपनी बातें
गोष्ठी में अलग-अलग जिलों से आए किसानों ने भी अपनी समस्याएं और सुझाव रखे। बदायूं के दयाराम राजपूत ने मक्का के ड्रायर पर सब्सिडी की मांग की, वहीं पीलीभीत के हरिओम सिंह ने छुट्टा पशुओं से फसल बचाने के लिए सोलर फेंसिंग की सुविधा मांगी। रामपुर के किसान ने ड्रैगन फ्रूट और एवाकाडो की मार्केटिंग व्यवस्था की मांग उठाई। बरेली के ओमप्रकाश समेत कई किसानों ने जैविक लैब की मांग की।
मंत्री, अफसर और किसानों के बीच सीधा संवाद
गोष्ठी में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही के साथ राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख, विधान परिषद सदस्य कुंवर महाराज सिंह, बरेली की जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल, बरेली की कमिश्नर सौम्या अग्रवाल, मुरादाबाद के कमिश्नर आंजनेय, DM अविनाश सिंह, CDO, कृषि अधिकारी और सैकड़ों किसान शामिल हुए। इस मौके पर तमाम विभागों और कंपनियों ने अपने स्टॉल भी लगाए, जिन्हें मंत्री और अधिकारियों ने देखा।
