कानपुर में 50 हजार अनरजिस्टर्ड ई रिक्शा ढ़ो रहे सवारी: ई रिक्शा की अराजकता से जाम से जूझ रहा शहर, रेलवे लाइन-सड़क और चौराहों पर कब्जा – Kanpur News h3>
शहर की ट्रैफिक व्यवस्था चरमराई हुई है, जिसका एक कारण शहर में चलने वाले ई रिक्शा भी है। शहर की हर मुख्य सड़कों पर जाम लगा रहता है। शहर के परेड चौराहा, नयागंज, मूलगंज, घंटाघर, मॉल रोड, रावतपुर क्रासिंग, कल्यानपुर रेलवे क्रॉसिंग पर ई रिक्शा बीच सड़क पर ख
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NEWS4SOCIALरिपोर्टर ने शहर की मुख्य सड़कों पर 1 बजे से 4 बजे तक ट्रैफिक व्यवस्था की पड़ताल की। तीन घंटे की इस पड़ताल में NEWS4SOCIALने 7 जगह पर बीच सड़क पर ई रिक्शा खड़े किए सवारियां भरते हुए या सवारियों के इंतजार में खड़े हुए, कैमरे में कैद किया।
शहर की गीतानगर, रावतपुर क्रासिंग, कल्यानपुर क्रासिंग में रेलवे लाइन पर खड़े हुए सवारियां बैठा रहे थे।
जानिए फर्रुखाबाद रेलवे लाइन पर जाम का कारण
अनवरगंज से लेकर कल्यानपुर तक 7 रेलवे बनी हुई क्रासिंग हैं। जिसमें रावतपुर और कल्यानपुर रेलवे क्रासिंग के बीच में ई रिक्शा खड़े हुए हमने अपने कैमरे में कैद किए। यहां से पुलिस चौकी की दूरी महज 20 मीटर है।
कल्यानपुर रेलवे क्रासिंग के दोनों ओर ई रिक्शा चलाने वाले खड़े हुए थे। इसी तरीके से रावतपुर रेलवे क्रासिंग पर दोनों ओर ई रिक्शा खड़े हुए थे।
घंटाघर चौराहा पर बीच सड़क पर खड़े ई रिक्शे
घंटाघर से टाटमिल की ओर चलने पर बाइक से निकलने में करीब 10 मिनट लग जाएंगे। माल रोड के दोनों ओर बीच में खड़े हुए रिक्शे वाले सवारियां भरते है। वहीं परेड चौराहा की तरफ जाने वाली सड़क नयागंज में बाहर अतिक्रमण और दोनों तरफ खड़े ई रिक्शा पूरी रोड को बाधित कर रहे थे।
परेड चौराहा पर बीच में खड़े ई रिक्शा
परेड चौराहे से घंटाघर जाने वाली सड़क और चुन्नीगंज की तरफ बीच सड़क पर दोनों ओर ई रिक्शा खड़े होकर सवारियां भरते हुए खड़े मिले। इस कारण से बड़ा चौराहा की तरफ से आने वाले वाहन फसते है, वहीं सिविल लाइन की तरफ से आने वाले वाहन सद्भावना चौक तक ट्रैफिक जाम रहता है।
डिप्टी पड़ाव पर दोनों ओर खड़े ई रिक्शे
जरीब चौकी से घंटाघर जाने वाली सड़क पर डिप्टी पड़ाव पर दोनों तरफ ई रिक्शा खड़े हुयए थे, जो सवारियों को बैठाने और उतारने के लिए बीच सड़क पर रोकते हुए दिखाई दिये। जिसके कारण जाम लगता रहा।
सब समझिए शहर में कितने है ई रिक्शा…
शहर में 50 हजार अपंजीकृत ई रिक्शा
पूरे में शहर में लगभग 90 हजार के आसपास ई रिक्शा हैं। जिसमें 40 से 42 हजार पंजीकृत ई रिक्शा है। जबकि 7 हजार से 8 हजार ई रिक्शा में क्यूआर लगा पाए है। शहर में 2015 में लगभग 9 लाख वाहन थे अब 2025 में इन वाहनों की संख्या दो गुनी होकर 18 लाख के आसपास पहुंच गई है। ऐसे में ट्रैफिक की वजह से हर रोज वाहन चालकों का लाखों का ईधन फुक जाता है। इस समस्या को लेकर शहर के DCP ट्रैफिक को कई बार फोन लगाया गया, लेकिन उनका फोन नहीं उठा।
