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कानपुर जू में शेर-चीते बहुत देख लिए, अब उठाइए धनुष-बाण: तीरंदाजी शुरू हुई, 50 रुपए में बनें शहर के नए ‘अर्जुन’ – Kanpur News

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कानपुर जू में शेर-चीते बहुत देख लिए, अब उठाइए धनुष-बाण:  तीरंदाजी शुरू हुई, 50 रुपए में बनें शहर के नए ‘अर्जुन’ – Kanpur News

कानपुर जू में शेर-चीते बहुत देख लिए, अब उठाइए धनुष-बाण: तीरंदाजी शुरू हुई, 50 रुपए में बनें शहर के नए ‘अर्जुन’ – Kanpur News


उत्तर प्रदेश के मैनचेस्टर कहे जाने वाले कानपुर के चिड़ियाघर का नजारा अब पूरी तरह बदलने वाला है। अब तक लोग यहां पिंजरों में शेर, हिरण और भालू देखने आते थे, लेकिन अब कानपुर जू ने सैलानियों को एक नया रोमांच देने की तैयारी कर ली है। चिड़ियाघर प्रशासन की नई पहल के तहत यहां आर्चरी यानी धनुष-बाण से निशानेबाजी की सुविधा शुरू की गई है, जिसने शहरवासियों के बीच खासा उत्साह पैदा कर दिया है। 3 तस्वीरें देखिए- जंगल सफारी के रास्ते पर तीरों की सरसराहट
चिड़ियाघर में जंगल सफारी की ओर बढ़ते ही अब तीरों की सरसराहट सुनाई दे रही है। क्षेत्रीय वन अधिकारी नावेद इकराम के मार्गदर्शन में शुरू किया गया आर्चरी पॉइंट सैलानियों के लिए आकर्षण का नया केंद्र बन गया है। आर्चरी पॉइंट के संचालक आमिर खान का कहना है कि अक्सर लोग केवल जानवर देखकर ऊब जाते थे और कुछ नया चाहते थे। इसी सोच के तहत यह पहल की गई। खास बात यह है कि कानपुर जैसे बड़े शहर में प्रोफेशनल आर्चरी के विकल्प बेहद सीमित हैं, ऐसे में जू में शुरू हुई यह सुविधा लोगों को खूब भा रही है। जेब पर हल्का, रोमांच में भारी अनुभव
आर्चरी पॉइंट की सबसे बड़ी खासियत इसकी किफायती दरें हैं। जहां प्रोफेशनल आर्चरी क्लब आमतौर पर महंगे होते हैं, वहीं यहां महज 50 रुपये में वयस्कों को 5 शॉट और बच्चों को 50 रुपये में 10 शॉट दिए जा रहे हैं। यही वजह है कि बच्चे ही नहीं, उनके माता-पिता भी धनुष थामकर निशाना आजमा रहे हैं और परिवार के साथ इस नए अनुभव का आनंद ले रहे हैं। तनाव दूर करने का नया स्ट्रेस बस्टर
प्रतापगढ़ से नौकरी के सिलसिले में कानपुर आए रोहित सरोज ने बताया कि प्राकृतिक माहौल और वन्यजीवों के बीच तीरंदाजी करना एक अलग ही अनुभव है। यह खेल न सिर्फ रोमांच से भरपूर है, बल्कि भागदौड़ भरी जिंदगी के तनाव को भी काफी हद तक कम करता है। वहीं, बच्चों में भी इसे लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। पारिवारिक पिकनिक का नया ठिकाना
क्षेत्रीय वन अधिकारी नावेद इकराम ने बताया कि आर्चरी पॉइंट परिवार के साथ समय बिताने का बेहतरीन जरिया बन रहा है। इससे न सिर्फ मनोरंजन बढ़ा है, बल्कि लोगों में इस प्राचीन खेल के प्रति जागरूकता भी बढ़ रही है। अगर आप इस वीकेंड कुछ अलग और रोमांचक करने की सोच रहे हैं, तो कानपुर चिड़ियाघर का रुख कर सकते हैं—हो सकता है आपके भीतर छिपा ‘अर्जुन’ भी यहीं जाग जाए।

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