कांग्रेस का आरोप जनसुनवाई में 2 को भेजा जेल: कलेक्टर बोले- ऐसा कुछ नहीं हुआ, मीटिंग में खलल डाल रहे थे नेता – Chhindwara News

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कांग्रेस का आरोप जनसुनवाई में 2 को भेजा जेल:  कलेक्टर बोले- ऐसा कुछ नहीं हुआ, मीटिंग में खलल डाल रहे थे नेता – Chhindwara News

कांग्रेस का आरोप जनसुनवाई में 2 को भेजा जेल: कलेक्टर बोले- ऐसा कुछ नहीं हुआ, मीटिंग में खलल डाल रहे थे नेता – Chhindwara News


छिंदवाड़ा: कलेक्टर कार्यालय में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई के दौरान सरकारी जमीन पर पट्टे की मांग को लेकर जमकर बहस की स्थिति बन गई। आवेदकों द्वारा बार-बार एक ही मामले को लेकर पहुंचने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए साफ कहा कि जिस जमीन का मामला न्यायालय में विचाराधीन है, उस पर किसी भी तरह का पट्टा जारी नहीं किया जा सकता। कलेक्टर ने आवेदकों को फटकार लगाते हुए कहा कि उन्हें पहले भी कई बार समझाया जा चुका है, इसके बावजूद हर जनसुनवाई में पहुंचकर बेवजह बहस की जा रही है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस तरह अनावश्यक रूप से प्रशासन को परेशान किया गया तो पुलिस कार्रवाई भी की जा सकती है। जनसुनवाई खत्म होने के बाद मीटिंग में पहुंचे कांग्रेस पार्षद जनसुनवाई समाप्त होने के बाद कांग्रेस नेता और पार्षद राहुल मालवीय कलेक्टर की अधिकारियों के साथ चल रही मीटिंग में पहुंच गए। बताया जा रहा है कि कलेक्टर ने उन्हें पहले ही कहा कि जनसुनवाई का समय समाप्त हो चुका है और फिलहाल अधिकारियों की बैठक चल रही है। इस दौरान राहुल मालवीय ने कहा कि वह जनप्रतिनिधि हैं और जनता की समस्या लेकर कभी भी आ सकते हैं। इस पर कलेक्टर ने उन्हें ऑफिशियल मीटिंग का हवाला देते हुए बाहर जाने के लिए कहा। बहस बढ़ी तो कलेक्टर ने कार्रवाई के दिए निर्देश प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मीटिंग के दौरान बहस का माहौल बनने लगा था। इस पर कलेक्टर ने मौके पर मौजूद स्टाफ को कार्रवाई करने और जरूरत पड़ने पर जेल भेजने तक की बात कही। हालांकि “जेल” शब्द सुनते ही नेता जी तुरंत वहां से निकल गए। इसके बाद कलेक्टर ने अधिकारियों के साथ अपनी बैठक पूरी की। कांग्रेस ने जारी की प्रेस विज्ञप्ति, दो लोगों को जेल भेजने का दावा घटना के कुछ देर बाद कांग्रेस की ओर से एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई। इसमें आरोप लगाया गया कि दो आवेदकों को जेल भेज दिया गया। जबकि मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार पूरे घटनाक्रम में पुलिस की कोई एंट्री तक नहीं हुई थी और न ही किसी को हिरासत में लिया गया। ऐसे में कांग्रेस की ओर से जारी विज्ञप्ति पर सवाल खड़े हो रहे हैं। कलेक्टर बोले- मीटिंग में बाधा डालने पर बाहर कराया मामले को लेकर जब दैनिक NEWS4SOCIALने कलेक्टर हरेंद्र नारायण से बात की तो उन्होंने बताया कि अधिकारियों के साथ मीटिंग चल रही थी। इसी दौरान एक पार्षद अंदर आकर बहस करने लगे, जिससे बैठक प्रभावित हो रही थी। इसलिए उन्हें तत्काल बाहर जाने के लिए कहा गया। वहीं कांग्रेस ने इस पूरे मामले में कलेक्टर को “तानाशाह” बताते हुए प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

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