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कथावाचक गणेश प्रसाद सरल गिरफ्तार: महिला ने लगाया छेड़छाड़ का आरोप, कोर्ट ने भेजा जेल – Chhindwara News

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कथावाचक गणेश प्रसाद सरल गिरफ्तार:  महिला ने लगाया छेड़छाड़ का आरोप, कोर्ट ने भेजा जेल – Chhindwara News

कथावाचक गणेश प्रसाद सरल गिरफ्तार: महिला ने लगाया छेड़छाड़ का आरोप, कोर्ट ने भेजा जेल – Chhindwara News


छिंदवाड़ा शहर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के समापन से ठीक एक दिन पहले एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। यहां कोतवाली पुलिस ने विख्यात कथावाचक पंडित गणेश प्रसाद सरल को शुक्रवार देर रात कथा समाप्त होने के बाद गिरफ्तार कर लिया। शनिवार को उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने उन्हें जेल भेज दिया है। स्थानीय माहोरे परिवार द्वारा आयोजित इस कथा में प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे थे। शुक्रवार को कथा के छठवें दिन का कार्यक्रम पूरी तरह समाप्त होने और श्रद्धालुओं के अपने-अपने घर लौट जाने के बाद देर रात पुलिस मौके पर पहुंची। उस समय पंडाल में सिर्फ आयोजन समिति के सदस्य और कुछ अनुयायी ही मौजूद थे। पुलिस कथावाचक को अपने साथ कोतवाली ले गई, जिससे उनके समर्थकों में हड़कंप मच गया। 23 दिन बाद दर्ज हुई शिकायत पर उठ रहे सवाल
कोतवाली पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, यह पूरा मामला 26 अप्रैल का बताया जा रहा है, लेकिन इसकी शिकायत करीब 23 दिन बाद 18 मई को दर्ज कराई गई है। घटना और शिकायत के बीच इतने लंबे समय का अंतर होने के कारण कार्रवाई पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। समर्थकों का कहना है कि पुलिस को इस मामले की सच्चाई और गहराई से जांच करनी चाहिए थी। महिला के फोन कॉल और सास-पति की मौजूदगी की चर्चा
इस पूरे मामले में अब एक कथित ऑडियो कॉल की चर्चा भी जोरों पर है। बताया जा रहा है कि महिला ने स्वयं कथावाचक से संपर्क कर घरेलू प्रताड़ना की जानकारी दी थी और घर पर पूजन कराने की बात कही थी। सूत्रों के मुताबिक, पंडित जी ने महिला को पति के साथ आने की सलाह दी थी। यह भी चर्चा है कि जिस दिन कथित घटना हुई, उस समय महिला के घर पर उसकी सास और पति दोनों मौजूद थे। आयोजकों ने बताया साजिश, साइबर टीम करेगी जांच
कथा का आयोजन कराने वाले माहोरे परिवार ने इसे ‘वर्चस्व की लड़ाई’ करार दिया है। आयोजकों का कहना है कि मूल रूप से जबलपुर निवासी पंडित गणेश प्रसाद की बढ़ती लोकप्रियता और धार्मिक आयोजनों में मिल रहे आमंत्रण से कुछ लोग नाराज थे, जिसके चलते उन्हें बदनाम करने की साजिश रची गई है। वहीं, कोतवाली निरीक्षक आशीष कुमार ने बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और कॉल रिकॉर्ड व डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल के लिए साइबर टीम की मदद ली जाएगी।

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