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कक्षा 11 में अब तीन के बजाय चार ऑप्शनल सब्जेक्ट: अनिवार्य विषय के रूप में सिर्फ अंग्रेजी ले सकेंगे, नई शिक्षा नीति लागू करने का प्रयास – Bikaner News

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कक्षा 11 में अब तीन के बजाय चार ऑप्शनल सब्जेक्ट:  अनिवार्य विषय के रूप में सिर्फ अंग्रेजी ले सकेंगे, नई शिक्षा नीति लागू करने का प्रयास – Bikaner News

कक्षा 11 में अब तीन के बजाय चार ऑप्शनल सब्जेक्ट: अनिवार्य विषय के रूप में सिर्फ अंग्रेजी ले सकेंगे, नई शिक्षा नीति लागू करने का प्रयास – Bikaner News

राज्य सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप विद्यार्थियों को उनकी रुचि के अनुसार विषय चयन के अधिक अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इस संबंध में संयुक्त शासन सचिव की ओर से परिपत्र जारी कर र

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चार ऐच्छिक और एक अनिवार्य विषय लेने की सुविधा

जारी निर्देशों के अनुसार अब कक्षा 11 में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थी विद्यालय में स्वीकृत संकायों में संचालित विषयों में से चार ऐच्छिक (वैकल्पिक) विषय और एक अनिवार्य विषय के रूप में अंग्रेजी का चयन कर सकेंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य विद्यार्थियों को उनकी रुचि और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विषय चुनने का अवसर प्रदान करना है।

कंप्यूटर विज्ञान और शारीरिक शिक्षा का भी विकल्प

परिपत्र के अनुसार यदि किसी विज्ञान संकाय वाले विद्यालय में कंप्यूटर विज्ञान विषय स्वीकृत नहीं है, तो भी विद्यार्थी इसे चौथे ऐच्छिक विषय के रूप में चुन सकेंगे, बशर्ते विद्यालय में कंप्यूटर अनुदेशक का पद स्वीकृत हो। इसी प्रकार, एकल संकाय वाले विद्यालयों में शारीरिक शिक्षा विषय स्वीकृत न होने पर भी विद्यार्थी इसे ऐच्छिक विषय के रूप में चुन सकते हैं, यदि शारीरिक शिक्षा शिक्षक उपलब्ध हो।

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विषय चयन की सीमा और विद्यालय प्रधान की भूमिका

निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि विज्ञान संकाय वाले विद्यालयों में चौथे ऐच्छिक विषय के रूप में अधिकतम दो विषय ही संचालित किए जा सकेंगे, जिनका चयन संस्था प्रधान की ओर से किया जाएगा। वहीं कला और वाणिज्य संकाय वाले विद्यालयों में चौथे ऐच्छिक विषय के रूप में केवल एक विषय का चयन किया जा सकेगा।

पूर्व व्यवस्था भी रहेगी लागू

जो विद्यार्थी पूर्व की भांति तीन ऐच्छिक और दो अनिवार्य विषय लेना चाहते हैं, उनके लिए यह व्यवस्था यथावत जारी रहेगी। साथ ही संस्थाप्रधानों को कक्षा 10 के परीक्षा परिणाम से पूर्व ही संभावित विद्यार्थियों से उनकी रुचि के अनुसार विकल्प प्राप्त करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि विषयों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।

पाठ्यपुस्तकों और क्रियान्वयन के निर्देश

परिपत्र की प्रतिलिपि संबंधित विभागों, माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर तथा राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल को भी भेजी गई है, ताकि आवश्यक पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता और नई व्यवस्था का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।

राज्य सरकार का यह निर्णय विद्यार्थियों को उनकी रुचि के अनुरूप शिक्षा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे न केवल विषय चयन में लचीलापन बढ़ेगा, बल्कि विद्यार्थियों के समग्र शैक्षणिक विकास को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

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