‘ऐसी सजा देंगे…कोई अपराध करने का साहस न कर सके’: कोर्ट ने हिस्ट्रीशीटर को 10 साल की सजा सुनाई, 6 साल पहले गोली मारी थी – Jhansi News h3>
झांसी में हत्या के प्रयास के मामले में हिस्ट्रीशीटर हरीशंकर उर्फ मोंटी यादव को कोर्ट ने 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। (फाइल फोटो।)
झांसी में हत्या के प्रयास के मामले में हिस्ट्रीशीटर हरीशंकर उर्फ मोंटी यादव को कोर्ट ने 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 1.35 लाख रुपए का अर्थदण्ड भी लगाया गया। मोंटी यादव ने 6 साल पहले एक युवक को गोली मारकर घायल कर दिया था।
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उस पर लूट, मारपीट, गुंडा एक्ट समेत 38 केस दर्ज हैं। फैसले में कोर्ट ने कहा- “दोषसिद्ध अपराधी को ऐसी सजा दी जाए। जिससे समाज में कानून का राज स्थापित हो और कोई भी व्यक्ति अपराध करने का साहस न कर सके।”
जुर्माना में से एक लाख रुपए पीड़ित को बतौर क्षतिपूर्ति दिए जाएंगे। अर्थदण्ड अदा नहीं करने पर एक साल की जेल अतिरिक्त काटनी होगी। यह फैसला बुधवार को न्यायालय संख्या-1 के अपर सत्र न्यायाधीश सुनील कुमार यादव ने सुनाया है। आरोपी मोंटी यादव मोंठ थाना क्षेत्र के बुढ़ावली गांव का रहने वाला है।
युवक के हाथ पर लगी थी गोली
सहायक जिला शासकीय अधिकवक्ता तेज सिंह गौर ने बताया कि मोंठ के बुढ़ावली गांव निवासी पवन कुमार ने 15 जून 2020 को मोंठ थाने में तहरीर दी थी। जिसमें बताया था कि मेरे पिता गोविंद सिंह 14 जून 2020 को अपने भतीजे की शादी में खाना खाकर घर आ रहे थे।
घर के पास गांव का हरीशंकर उर्फ मोंटी यादव दोनाली बंदूक लेकर अपने परिवारजनों के साथ आ गया। आरोपी मुझे और पिता को गाली देने लगे। मना करने पर मोंटी यादव ने बंदूक से पिता पर जान से मारने की नियत से फायर कर दिया। गोली पिता के दाहिने हाथ में लगी।
चोट लगने से पिता जमीन पर गिए गए। जब मैं पिता को बचाने दौड़ा तो आरोपी बंदूकों और राइफलों से फायर कर धमकाने लगे। फिर जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गए। सूचना पर पुलिस मौके पर आ गई। पिता को मोंठ सीएचसी और फिर मेडिकल कॉलेज ले गए थे। आरोपी 20 मई 2020 को भाई प्रमोद के साथ भी मारपीट कर चुके हैं और हिस्ट्रीशीटर हैं। पुलिस ने हत्या की कोशिश समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया था।
कोर्ट में पेश किया गया आपराधिक रिकॉर्ड
तमाम सबूतों के आधार पर कोर्ट ने मोंटी यादव को दोषी करार दिया। वकील ने आरोपी मोंटी यादव का आपराधिक इतिहास पेश किया। बताया कि आरोपी पर पहला केस 2012 मेंं मारपीट का दर्ज हुआ था। अब तक उस पर मारपीट, लूट, हत्या की कोशिश, गुंडा एक्ट समेत अन्य धाराओं में 38 केस दर्ज हो चुके हैं। वकील ने कहा कि आरोपी आपराधिक प्रवृति का व्यक्ति है। इसलिए जेल के बाहर रहना पीड़ित व समाज के लिए खतरा है। इसलिए उसे अधिकतम सजा से दंडित करने की याचना की।
कोर्ट ने कहा- दोषसिद्ध अपराधी को ऐसी सजा दी जाए। जिससे समाज में कानून का राज स्थापित हो सके और कोई भी व्यक्ति अपराध करने का साहस न कर सके। इसलिए अपराधी हरीशंकर उर्फ मोंटी को 10 साल का कठोर कारावास और 1.35 लाख के जुर्माना से दंडित किया जाता है।
