एक ही बैंक खाते की 4 हजार शिकायतें, दो इंजीनियर करते थे एकाउंट हैंडल, दोनों पकड़े – Bharatpur News h3>
देशभर में एक ही बैंक खाते के खिलाफ साइबर ठगी की करीब 4000 शिकायतें 1930 हेल्पलाइन पर दर्ज होने के बावजूद कहीं भी ठोस पुलिस कार्रवाई नहीं की गई। इस खाते से जुड़े गिरोह लगातार लोगों को ठगते रहे और किसी भी राज्य की पुलिस ने न तो जांच आगे बढ़ाई और न ही क
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यह बड़ा खुलासा तब हुआ जब भरतपुर रेंज के आईजी राहुल प्रकाश के क्षेत्र में हरिसिंह नामक व्यक्ति के साथ 15 लाख रुपए की साइबर ठगी हुई। आईजी ने तत्काल प्रभाव से एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कराई, जिससे 1 हजार करोड़ के फ्रॉड नेटवर्क की परतें खुलीं। रेंज कार्यालय भरतपुर की साइबर टीम ने देशभर में करीब 1000 करोड़ रुपये की ऑनलाइन ठगी करने वाले गैंग के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपी देशभर में ऑनलाइन गेमिंग और निवेश के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी कर रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 28 वर्षीय रोहित शर्मा पुत्र अमीचंद शर्मा नई दिल्ली और 40 वर्षीय अनूप श्रीवास्तव पुत्र अशोक कुमार श्रीवास्तव, निवासी बरईपुर देवरिया गोरखपुर के रूप में हुई है। रोहित शर्मा एनआईटी दिल्ली व अनूप एनआईटी बेंगलुरू से कंप्यूटर हार्डवेयर एंड नेटवर्किंग का कोर्स किया है।
इस प्रकरण में पहले भी चार लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। दोनों आरोपी गैंग के मुख्य सरगना शशिकांत और रोहित दुबे के पुराने साथी हैं और उनकी फर्जी कंपनी के जरिए ठगी के नेटवर्क को अंजाम दे रहे थे। आईजी राहुल प्रकाश ने बताया 6 मार्च 2025 को धौलपुर साइबर थाने में हरीसिंह नामक पीड़ित ने फिनो पेमेंट बैंक के खाते से साइबर ठगी की शिकायत 1930 हेल्पलाइन पर की थी।
मामले की जांच के दौरान सामने आया कि उक्त खाते के विरुद्ध 3000 से अधिक शिकायतें पहले से दर्ज थीं, जो अब बढ़कर 4000 से भी ज्यादा हो चुकी हैं।
कर्नाटक में फर्जी कंपनी खोल ठगी करते थे… जांच में खुलासा हुआ कि गैंग ने एबंडन्स पेमेंट सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड नाम से बेंगलुरू में फर्जी पेमेंट कंपनी खोल रखी थी। कंपनी के नाम पर ऑनलाइन गेमिंग और इनवेस्टमेंट के झांसे में लोगों से करोड़ों की ठगी की जा रही थी। गिरफ्तार आरोपी अनूप श्रीवास्तव इस कंपनी में ऑनबोर्डिंग का कार्य करता था, जबकि रोहित शर्मा तकनीकी संचालन संभालता था। दोनों शुरुआत से ही इस फर्जी कंपनी में कार्यरत हैं। कंपनी के जरिए करीब 25 अन्य कंपनियों मर्चेंट को जोड़ा गया, जिनके खाते और ट्रांजेक्शन का पूरा नियंत्रण मुख्य सरगना शशिकांत और रोहित दुबे के पास था। आईजी राहुल प्रकाश ने बताया अब जांच ईडी या सीबीआई को सौंपी जाएगी।
4000 शिकायतों के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई, भरतपुर रेंज पुलिस ने खोला बड़ा साइबर फ्रॉड… यह सवाल खड़ा करता है कि जब 4000 शिकायतें पहले से थीं, तब तक अन्य पुलिस इकाइयों ने कार्रवाई क्यों नहीं की? रिसेलर के जरिए ऑनलाइन गेमिंग और निवेश स्कीमों में लोगों से डलवाते थे पैसे: आईजी राहुल प्रकाश ने बताया गैंग का पूरा नेटवर्क रिसेलर के माध्यम से चलता था। ये सीधे मर्चेंट से संपर्क नहीं करते थे, बल्कि रिसेलर के जरिए ऑनलाइन गेमिंग और निवेश स्कीमों में लोगों को फंसाकर पैसे खाते में डलवाते थे और फिर उसे अन्य खातों में ट्रांसफर कर लेते थे। पीड़ितों से फर्जी निवेश और गेम के नाम पर पे इन कराया जाता और फिर उसे पे आउट के बहाने निकाल लिया जाता। आरोपी युवक।

