एक हफ्ते में तीसरी बार बाराबंकी पहुंचे विनय कटियार: सदर सीट पर भाजपा की सियासी चाल तेज, अयोध्या के पूर्व सांसद रह चुके हैं – Barabanki News h3>
भाजपा के वरिष्ठ नेता और अयोध्या के पूर्व सांसद विनय कटियार ने एक सप्ताह में तीसरी बार बाराबंकी का दौरा किया है। उनके बार-बार आगमन से जिले के राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि भाजपा बाराबंकी की सदर विधानसभा सीट को लेकर नई रणनीति पर काम कर रही है। बाराबंकी की सदर विधानसभा सीट भाजपा के लिए अब तक चुनौती बनी रही है। आजादी के बाद से भाजपा इस सीट पर कभी जीत दर्ज नहीं कर पाई है। यही वजह है कि पार्टी इस क्षेत्र में विशेष फोकस कर रही है। सदर सीट पर पिछले तीन विधानसभा चुनावों—2012, 2017 और 2022—में समाजवादी पार्टी के धर्मराज सिंह यादव (सुरेश यादव) लगातार जीत दर्ज करते रहे हैं। इसी कारण यह सीट सपा का मजबूत गढ़ मानी जाती है। जातीय समीकरण तय करते हैं जीत-हार सदर विधानसभा में पिछड़ा वर्ग, दलित और अल्पसंख्यक मतदाताओं की भूमिका निर्णायक मानी जाती है। अनुमानित जातिगत संरचना के अनुसार यादव करीब 18%, कुर्मी 17%, मौर्य 2%, ब्राह्मण 10%, क्षत्रिय 9%, कायस्थ 4%, लोधी-मल्ला 8%, मुस्लिम 30% और अन्य करीब 2% हैं। इन्हीं समीकरणों के बीच भाजपा जमीनी स्तर पर संगठन मजबूत करने की कोशिश में जुटी है। हिंदुत्व चेहरे के तौर पर कटियार की मौजूदगी विनय कटियार लंबे समय से हिंदुत्व की राजनीति और राम मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे हैं। बाराबंकी में उनके निजी कार्यक्रमों में सहभागिता, किसानों और पार्टी नेताओं से मुलाकात और आम जनता के बीच मौजूदगी को भाजपा की बढ़ती सक्रियता के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। कटियार को चुनाव मैदान में उतारने की चर्चा भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा उत्तर प्रदेश के नेता पंकज गुप्ता ‘पंकी’ ने कहा कि विनय कटियार पार्टी का बड़ा चेहरा हैं। यदि पार्टी उन्हें बाराबंकी से चुनाव मैदान में उतारती है तो कार्यकर्ता पूरी ताकत के साथ जीत सुनिश्चित करने में जुट जाएंगे। फतेहपुर के भाजपा सोशल मीडिया प्रभारी सर्वेश श्रीवास्तव का कहना है कि 2012 से 2022 के बीच सदर सीट पर भाजपा के वोट प्रतिशत में लगातार बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने भरोसा जताया कि सही नेतृत्व मिलने पर भाजपा यहां कमल खिला सकती है। राजनीतिक रूप से संवेदनशील रही है सदर सीट बाराबंकी सदर विधानसभा का चुनावी इतिहास इसकी राजनीतिक संवेदनशीलता को दर्शाता है। जहां कभी कांग्रेस का दबदबा रहा, वहीं अब यह सीट समाजवादी पार्टी का मजबूत गढ़ मानी जाती है। ऐसे में विनय कटियार के लगातार दौरे आने वाले समय में राजनीतिक समीकरणों को किस दिशा में मोड़ते हैं, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।
उत्तर प्रदेश की और खबर देखने के लिए यहाँ क्लिक करे – Uttar PradeshNews