उदयपुर में मिलावट पर बड़ा एक्शन: 18 हजार लीटर घी जब्त, 42 हजार किलो डेयरी प्रोडक्ट जांच के दायरे में; नामी कंपनियों के मक्खन से खेल – Udaipur News

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उदयपुर में मिलावट पर बड़ा एक्शन:  18 हजार लीटर घी जब्त, 42 हजार किलो डेयरी प्रोडक्ट जांच के दायरे में; नामी कंपनियों के मक्खन से खेल – Udaipur News

उदयपुर में मिलावट पर बड़ा एक्शन: 18 हजार लीटर घी जब्त, 42 हजार किलो डेयरी प्रोडक्ट जांच के दायरे में; नामी कंपनियों के मक्खन से खेल – Udaipur News


राजस्थान में मिलावटखोरों के खिलाफ सरकार और प्रशासन एक्शन मोड में है। खाद्य सुरक्षा आयुक्तालय की केंद्रीय टीम ने शनिवार को उदयपुर में एक साथ दो अलग-अलग जगहों पर बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। टीम ने भारी मिलावट के शक में मौके से 18 हजार लीटर तैयार घी को जब्त किया। इसके साथ ही अलग-अलग ब्रांड के 42 हजार किलो से ज्यादा डेयरी प्रोडक्ट्स को भी जांच के दायरे में लिया गया है। इस कार्रवाई के बाद से शहर के मिलावटखोरों और नकली सामान बेचने वालों में हड़कंप मचा गया। अधिकारियों का कहना है कि शहर में आगे भी इस तरह की औचक कार्रवाई जारी रहेगी। गाय का असली घी बताकर बेचने की थी तैयारी खाद्य सुरक्षा आयुक्त डॉ. टी शुभमंगला के निर्देश पर अतिरिक्त आयुक्त भगवत सिंह के नेतृत्व में केंद्रीय और जिला टीम ने सबसे पहले अम्बेरी स्थित ‘श्री माधुर डेयरी फार्म एंड फूड प्रोडक्ट्स’ पर अचानक छापा मारा। अधिकारियों ने जब अंदर जाकर देखा तो वहां का नजारा चौंकाने वाला था। फैक्ट्री में ‘उदयपुर फ्रेश देसी घी’, ‘उदयपुर फ्रेश काउ घी’, ‘माध्या देसी घी’ और ‘जयन्त काउ घी’ जैसे बड़े और लोकप्रिय ब्रांड्स का घी धड़ल्ले से बनाया और स्टोर किया जा रहा था। टीम को यहां बड़े-बड़े टैंकों और डिब्बों में भारी मात्रा में तैयार घी मिला। यही नहीं, कई टिन तो ऐसे थे जिन पर न तो कोई लेबल लगा था और न ही कोई जरूरी जानकारी लिखी थी, जो साफ तौर पर नियमों का उल्लंघन है। जब टीम ने बारीकी से पूरे परिसर को खंगाला, तो वहां से फूड कलर (पीले रंग) की बोतलें बरामद हुईं। शुरुआती जांच में यह बड़ा सच सामने आया है कि साधारण घी में पीला रंग मिलाकर उसे ‘गाय का शुद्ध देसी घी’ बताकर बाजार में महंगे दामों पर बेचने की तैयारी चल रही थी। यह घी इंदौर की अरिहंत मिल्क प्रोडक्ट्स और देवास (मध्य प्रदेश) की चन्द्र कमल जैसी कंपनियों से घटिया या साधारण मक्खन खरीदकर, उसे गर्म करके तैयार किया जा रहा था। अधिकारियों ने तुरंत एक्शन लेते हुए घी के चार लीगल सैंपल लिए और जांच के लिए सरकारी लैब भेज दिए। वहीं, आम जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ न हो, इसलिए 18 हजार लीटर घी को मौके पर ही सीज कर उसकी बिक्री और सप्लाई पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। मंडी में बिक रहा था बैन घी
इसके बाद केंद्रीय टीम ने सवीना स्थित कृषि उपज मंडी की एक बड़ी दुकान पर कार्रवार्ई की। टीम ने यहां ‘मैसर्स महालक्ष्मी ट्रेडिंग कंपनी’ (डी-1) पर छापा मारा। जांच के दौरान दुकान और गोदाम में महावीर काऊ घी, महावीर देसी घी, महालक्ष्मी घी, मिल्क फूड, सोनाई, काला काऊ, पंचगव्य, अमूल और नोवा जैसे कई नामचीन ब्रांड्स का घी और दूध से बने प्रॉडक्ट्स का बहुत बड़ा स्टॉक मिला। शुरुआती गिनती में यह स्टॉक करीब 42 हजार किलोग्राम से ज्यादा का सामने आया, जिसकी पूरी पड़ताल की जा रही है। इस कार्रवाई में खास बात यह रही कि मौके पर ‘महावीर ब्रांड घी’ (बैच संख्या-1) का स्टॉक भी भारी मात्रा में मिला। बता दें कि इस खास बैच के घी को राजस्थान सरकार के खाद्य सुरक्षा आयुक्त पहले ही ‘असुरक्षित’ (Unsafe Food) घोषित कर चुके हैं और इसके बेचने, बांटने या रखने पर पूरी तरह से बैन लगा हुआ है। बैन के बावजूद मुनाफा कमाने के चक्कर में इस असुरक्षित घी को धड़ल्ले से छिपाकर रखा गया था। टीम ने इस प्रतिबंधित घी को तुरंत प्रभाव से जब्त कर लिया है और दुकान के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। सैंपल फेल हुए तो हो सकती जेल
खाद्य सुरक्षा विभाग ने साफ कर दिया है कि त्योहारों और आम दिनों में लोगों की सेहत से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा। सभी सैंपल्स की रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत फैक्ट्रियों के मालिकों और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कोर्ट में केस दर्ज कराया जाएगा और सख्त से सख्त सजा दिलाई जाएगी। इस पूरी बड़ी कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में संयुक्त आयुक्त डॉ. विजय प्रकाश शर्मा, केंद्रीय टीम के खाद्य सुरक्षा अधिकारी विनोद शर्मा, अमित शर्मा, लोकेश शर्मा, देवेन्द्र सिंह राणावत और उदयपुर के स्थानीय खाद्य सुरक्षा अधिकारी अशोक गुप्ता और नरेन्द्र सिंह शामिल रहे।

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