आज का एक्सप्लेनर: मई में इतना आंधी-तूफान क्यों, क्या बड़ी आपदा का संकेत; यूपी में दो दिनों में 60 मौतें, एमपी-राजस्थान में उखड़े पेड़

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आज का एक्सप्लेनर:  मई में इतना आंधी-तूफान क्यों, क्या बड़ी आपदा का संकेत; यूपी में दो दिनों में 60 मौतें, एमपी-राजस्थान में उखड़े पेड़

आज का एक्सप्लेनर: मई में इतना आंधी-तूफान क्यों, क्या बड़ी आपदा का संकेत; यूपी में दो दिनों में 60 मौतें, एमपी-राजस्थान में उखड़े पेड़

पिछले कुछ दिनों से मौसम अजीब तेवर दिखा रहा है। एक तरफ हीटवेव और दूसरी तरफ आंधी-बारिश का कहर। 21 मई की रात तो दिल्ली-NCR के लोगों ने कहा- ऐसा तूफान हमने जीवन में कभी नहीं देखा।

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बिजली के खंबों और पेड़ों के साथ घरों के दरवाजे-खिड़कियां तक उखड़ गए। सिर्फ उत्तर प्रदेश में पिछले 2 दिनों में आंधी-बारिश से 60 लोगों की मौत हुई है। एमपी-राजस्थान में भी पेड़ और टीन शेड उखड़े हैं।

गर्मी के मौसम में इतना आंधी-तूफान क्यों आ रहा, क्या ये किसी बड़ी आपदा का संकेत, अगले कुछ दिन आपके राज्य में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज; जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में…

सवाल-1: मई के महीने में कौन-से राज्य आंधी-तूफान की चपेट में हैं? जवाब: मई के शुरुआती दिनों में भीषण गर्मी जारी थी। लेकिन 13 मई के बाद से कई इलाकों में मौसम बदलना शुरू हुआ…

  • सबसे पहले 13 मई से असम और मेघालय समेत पूर्वोत्तर राज्यों में तूफान और बारिश शुरू हुई।
  • 15 से 17 मई के बीच भारत के दक्षिण इलाकों यानी कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु में गरज के साथ तेज बारिश का दौर शुरू हो गया।
  • 19 से 23 मई तक दिल्ली, यूपी, एमपी, राजस्थान समेत लगभग सभी प्रदेशों में आंधी-तूफान देखने को मिला।

उत्तर प्रदेश में 60, राजस्थान में 2 की मौत उत्तर प्रदेश में आंधी-बारिश के चलते पिछले दो दिनों में 60 लोगों की मौत हो गई। सबसे ज्यादा 6 लोगों की मौत फतेहपुर जिले में हुई है। इसके अलावा राजस्थान में 2 और दिल्ली में भी 4 लोगों ने जान गंवाई है। छत्तीसगढ़ में 21 मई को बिजली गिरने से 4 लोगों की मौत हुई थी। इसके अलावा सैकड़ों लोग आंधी-तूफान के चलते घायल भी हुए हैं।

224 पैसेंजर्स से भरी इंडिगो फ्लाइट क्षतिग्रस्त 21 मई को इंडिगो की एक फ्लाइट दिल्ली से श्रीनगर जा रही थी। श्रीनगर से 20 मिनट पहले फ्लाइट एक तूफान में फंस गई। ओले और बिजली गिरने से फ्लाइट की नोज क्षतिग्रस्त हो गई। भारी टर्बुलेंस के बीच फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग करना पड़ी। विमान में सवार सभी लोग सुरक्षित हैं।

लैंडिंग के बाद क्षतिग्रस्त विमान।

पेड़ और इलेक्ट्रिक पोल उखड़े, फ्लाइट्स कैंसल मध्य प्रदेश और राजस्थान में तेज बारिश के चलते कई जगहों पर पेड़ और साइन बोर्ड गिर गए। जल भराव की स्थिति भी देखने को मिली। राजस्थान के भिलवाड़ा में घरों के ऊपर लगे सोलर सेल उखड़ गए। दिल्ली से बारिश के चलते कई फ्लाइट्स कैंसल, डिले और डाइवर्ट भी करनी पड़ी।

सवाल-2: इन दिनों देशभर में आंधी-बारिश और हीटवेव एक साथ क्यों देखने को मिल रही है? जवाब: 23 मई को भारतीय मौसम विभाग यानी IMD ने देशभर में आंधी-बारिश और हीट वेव का अलर्ट एकसाथ जारी किया…

  • महाराष्ट्र और गोवा के तटीय इलाकों में बहुत भारी बारिश के साथ ही हीट वेव का रेड अलर्ट दिया है।
  • छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, गुजरात कर्नाटक जैसे राज्यों में भारी बारिश के साथ हीट वेव का यलो अलर्ट है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश में ओले गिरने की चेतावनी जारी की गई।

IMD के मौसम वैज्ञानिक डॉ. नरेश कुमार कहते हैं, ‘सेंट्रल एशिया और हिमालय से आने वाली ठंडी हवाएं उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में बादल, बारिश और आंधी-तूफान लाती हैं। यह हवाएं इन दिनों अपनी गति से तेज चल रही हैं। वहीं, देश में इस वक्त हीट वेव वाला सिस्टम भी एक्टिव है।

ऐसे में जब यह दोनों हवाएं टकरातीं हैं तो मौसम अचानक से बदल जाता है। इसीलिए देश के एक बड़े हिस्से में दिन में हीटवेव और रात में आंधी-तूफान देखने को मिल रहा है। इसके अलावा अरब सागर में मई के दरमियान से कई दबाव वाले इलाके यानी लो-प्रेशर सिस्टम बन रहे हैं, जो केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक जैसे राज्यों में भारी बारिश की वजहें बन रहे हैं।’

सवाल-3: नौतपा वाले मई महीने में ऐसे आंधी-तूफान आने की क्या वजह है? जवाब: इस साल 25 मई से 2 जून तक नौतपा रहेगा। इस दौरान सूर्य पृथ्वी के करीब होता है, जिससे उसकी किरणें सीधे और तेज पड़ती हैं और तापमान बढ़ जाता है। माना जाता है कि इन 9 दिनों में बहुत ज्यादा गर्मी पड़ती है। हालांकि हर साल ऐसा हो, ये जरूरी नहीं है। जैसे-

  • 2024 में नौतपा के दौरान पूरे देश में हीटवेव चल रही थी। गर्मी इतनी तेज थी कि 4 दिनों में ही 320 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। कई राज्यों में लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर न निकलने की नसीहत दी जाने लगी।
  • जबकि 2023 में नौतपे के दौरान भीषण गर्मी नहीं पड़ी। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और दिल्ली समेत उत्तर भारत के ज्यादातर राज्यों में मई-जून के महीने में बारिश हुई।

मानसून आने से पहले मई महीने में हल्के आंधी-तूफान को आमतौर पर सामान्य माना जाता है। ऐसा हर एक-दो साल में होता है। दिल्ली में लगभग हर साल के मई महीने में औसतन 5.9 दिन आंधी तूफान आता है। लेकिन इस बार यह सिस्टम पूरे देश में बना हुआ है, जो सामान्य से थोड़ा अलग है।

IMD के साइंटिस्ट डॉ. नरेश कुमार कहते हैं,

मई की शुरुआत से लगातार वेस्टर्न डिस्टरबेंस आते रहे हैं। इसके अलावा आमतौर पर समुद्री तटीय इलाके नॉर्थ इंडिया की तुलना में ज्यादा ठंडे होते हैं और वहां की हवा में नमी ज्यादा होती है। इस बार अरब सागर की ठंडी हवाओं ने मिलकर प्रेशर ज्यादा बढ़ा दिया। जिससे गर्म और ठंडी हवाओं के टकराने से मई जैसे गर्म महीने में भी इतने भीषण तूफान आने लगे।

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इसे और आसान भाषा में समझते हैं…

  • साइंस की क्लास में हमने ये पढ़ा है कि हवा गर्म होकर ऊपर उठती है। इस साल मई के महीने में भारत में विकराल गर्मी पड़ी। जब जमीन गर्म हो जाती है, तो गर्म हवा ऊपर उठती है।
  • गर्म हवा ऊपर उठने से लो-प्रेशर एरिया बनता है। यह लो प्रेशर ठंडी और नम हवाओं को अपनी तरफ आकर्षित करता है।
  • उत्तर और मध्य-भारत में ठंडी और नम हवाएं कई तरफ से आती हैं। सेंट्रल एशिया, हिमालय और अरब सागर से। इस बार ठंडी हवाओं ने प्रेशर ज्यादा बढ़ा दिया। गर्म और ठंडी हवाओं के टकराने से मई जैसे गर्म महीने में भी इतने भीषण तूफान आने लगे।

सवाल-4: क्या देशभर में आंधी-तूफान आना किसी बड़ी आपदा की चेतावनी है? जवाब: डॉ. नरेश कुमार कहते हैं,

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मौसम में बदलाव हर साल नया पैटर्न बनाता है, यह सामान्य बात है। इस बार पूरे देश में एकसाथ मौसम बदलना असामान्य जरूर है, लेकिन यह किसी आपदा की चेतावनी नहीं है। 29 मई से केरल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में मानसून पहुंच जाएगा, जो तय समय से जल्दी है। इस वजह से मौजूदा दिनों में बदल रहे मौसम को मानसून से पहले की बरसात समझा जा सकता है।

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सवाल-5: अगले 7 दिनों के लिए मौसम विभाग का पूर्वानुमान क्या है? जवाब: अरब सागर में लो प्रेशर बना हुआ है। अगले 24 घंटों में इसके डिप्रेशन में बदलने और गोवा-महाराष्ट्र तट की ओर बढ़ने की आशंका है। राज्यों के ऊपर से गुजर रहे स्ट्रॉन्ग सिस्टम की वजह से अगले कुछ दिन ऐसा ही मौसम रह सकता है।

24 मई के मौसम का पूर्वानुमान (सोर्स- IMD)

मौसम विभाग के 23 मई के बुलेटिन के मुताबिक 29 मई तक देश के ज्यादातर हिस्सों में आंधी-तूफान का दौर जारी रहेगा…

  • उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, बिहार, उड़ीसा और मध्य प्रदेश में इस दौरान बारिश होगी। कुछ इलाकों में हल्की तो कहीं तेज बारिश का अनुमान है। उत्तर पूर्वी राज्यों और दक्षिण भारत में केरल और कर्नाटक में भी बारिश की संभावना है।
  • 24 मई को मध्य प्रदेश में 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। वहीं बिहार में 24 और 25 मई को इसी रफ्तार से हवा चलने की संभावना है।
  • दो दिनों में उत्तर पश्चिम भारत जैसे उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के कुछ इलाकों में अधिकतम तापमान 2 डिग्री तक बढ़ सकता है। उसके बाद अगले 5 दिन तापमान में कोई बदलाव नहीं होगा। वहीं देश के बाकी हिस्सों में अगले एक हफ्ते अधिकतम तापमान में कोई बदलाव न होने का अनुमान है।

कल सुबह 6 बजे ऐसे ही बेहद जरूरी टॉपिक पर पढ़िए और देखिए एक और ‘आज का एक्सप्लेनर’

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रिसर्च सहयोग- श्रेया नाकाड़े

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