असम के सीएम हेमंत बिस्वा सरमा बोले- मानसिक बीमार हैं अखिल गोगोई, विधानसभा में नहीं दे सकते एंट्री h3>
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोमवार को राज्य विधानसभा में कहा कि रायजोर दल के अध्यक्ष और सिबसागर से नवनिर्वाचित विधायक अखिल गोगोई के मानसिक स्वास्थ्य का इलाज चल रहा है और वह वर्तमान में विधानसभा सत्र में भाग लेने के लिए अयोग्य हैं। सरमा ने गोगोई को विधानसभा सत्र में हिस्सा लेने की इजाजत देने की विपक्षी कांग्रेस की मांग को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसी के खिलाफ भी कोई नकारात्मक नजरिया नहीं रखा है। वहीं इसपर गोगोई की पार्टी ने कहा कि सरमा की टिप्पणी अपमानजनक है और विधायक के विशेषाधिकार का उल्लंघन है।
साल 2019 दिसंबर से गिरफ्तार हैं गोगोई
बता दें कि गोगोई नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के विरोध में उनकी भूमिका के चलते दिसंबर, 2019 से गिरफ्तार हैं। कई बीमारियों के लिए गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज अस्पताल (जीएमसीएच) में इलाज करा रहे 45 वर्षीय गोगोई को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की अदालत ने शुक्रवार को आयोजित नए विधायकों के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने की अनुमति दी। शपथ लेने के बाद गोगोई ने विधानसभा अध्यक्ष से पूरे सत्र में उन्हें हिस्सा लेने की अनुमति देने का अनुरोध किया। इससे पहले गोगोई ने जीएमसीएच से विधानसभा लाए जाने के दौरान पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों पर हाथापाई का आरोप लगाया था।
‘मानसिक बीमारी का इलाज करा रहे गोगोई’
सरमा ने नई विधानसभा के पहले सत्र के आखिरी दिन कहा “आखिर एक मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति को विधानसभा सत्र में भाग लेने की अनुमति कैसे दी जा सकती है? गोगोई का पिछले चार महीने से जीएमसीएच में इलाज चल रहा है। वह मनोवैज्ञानिक दिक्कतों, इमोश्नल इंबैलेंस और मानसिक समस्याओं का इलाज करवा रहे हैं”।
‘बीमार नहीं तो जेल में रहें गोगोई’
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सरमा ने कहा कि जब गोगोई शपथ लेने के लिए पहले दिन विधानसभा में आये को वह कोविड प्रोटोकॉल भूल गए और हाउस के भीतर एक डेस्क से दूसरी डेस्क पर जाकर सभी से मुलाकात करने लगे। अगर वह कहते हैं कि वह बीमार नहीं है, तो उन्हें जेल में होना चाहिए। और अगर वह बीमार हैं तो उन्हें सभा में नहीं होना चाहिए।
सरमा को जवाब देते हुए रायजोर दल के कार्यकारी अध्यक्ष भास्को डी सैकिया ने कहा “सीएम ने हमारे पार्टी अध्यक्ष के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। सरमा गोगोई की बराबरी नहीं कर सकते और इसलिए यह सुनिश्चित करने में लगे हैं कि गोगोई विधानसभा में भाग न ले सकें”।
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साल 2019 दिसंबर से गिरफ्तार हैं गोगोई
बता दें कि गोगोई नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के विरोध में उनकी भूमिका के चलते दिसंबर, 2019 से गिरफ्तार हैं। कई बीमारियों के लिए गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज अस्पताल (जीएमसीएच) में इलाज करा रहे 45 वर्षीय गोगोई को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की अदालत ने शुक्रवार को आयोजित नए विधायकों के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने की अनुमति दी। शपथ लेने के बाद गोगोई ने विधानसभा अध्यक्ष से पूरे सत्र में उन्हें हिस्सा लेने की अनुमति देने का अनुरोध किया। इससे पहले गोगोई ने जीएमसीएच से विधानसभा लाए जाने के दौरान पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों पर हाथापाई का आरोप लगाया था।
‘मानसिक बीमारी का इलाज करा रहे गोगोई’
सरमा ने नई विधानसभा के पहले सत्र के आखिरी दिन कहा “आखिर एक मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति को विधानसभा सत्र में भाग लेने की अनुमति कैसे दी जा सकती है? गोगोई का पिछले चार महीने से जीएमसीएच में इलाज चल रहा है। वह मनोवैज्ञानिक दिक्कतों, इमोश्नल इंबैलेंस और मानसिक समस्याओं का इलाज करवा रहे हैं”।
‘बीमार नहीं तो जेल में रहें गोगोई’
सरमा ने कहा कि जब गोगोई शपथ लेने के लिए पहले दिन विधानसभा में आये को वह कोविड प्रोटोकॉल भूल गए और हाउस के भीतर एक डेस्क से दूसरी डेस्क पर जाकर सभी से मुलाकात करने लगे। अगर वह कहते हैं कि वह बीमार नहीं है, तो उन्हें जेल में होना चाहिए। और अगर वह बीमार हैं तो उन्हें सभा में नहीं होना चाहिए।
सरमा को जवाब देते हुए रायजोर दल के कार्यकारी अध्यक्ष भास्को डी सैकिया ने कहा “सीएम ने हमारे पार्टी अध्यक्ष के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। सरमा गोगोई की बराबरी नहीं कर सकते और इसलिए यह सुनिश्चित करने में लगे हैं कि गोगोई विधानसभा में भाग न ले सकें”।

