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अमृतसर में रंधावा-परिवार की भावुक प्रेस-कॉन्फ्रेंस: MPs से साइन की अपील, CBI जांच की मांग, पुलिस पर लापरवाही और VIP ट्रीटमेंट के आरोप – Amritsar News

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अमृतसर में रंधावा-परिवार की भावुक प्रेस-कॉन्फ्रेंस:  MPs से साइन की अपील, CBI जांच की मांग, पुलिस पर लापरवाही और VIP ट्रीटमेंट के आरोप – Amritsar News

अमृतसर में रंधावा-परिवार की भावुक प्रेस-कॉन्फ्रेंस: MPs से साइन की अपील, CBI जांच की मांग, पुलिस पर लापरवाही और VIP ट्रीटमेंट के आरोप – Amritsar News


अमृतसर में आज मरहूम गगनदीप सिंह रंधावा के परिवार ने एक भावुक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इंसाफ की गुहार लगाई। इस दौरान परिवार ने मीडिया, आम जनता और समर्थन देने वाले नेताओं का दिल से धन्यवाद किया। रंधावा की पत्नी उपिंदरजीत कौर, बेटी हरसीरत कौर और भाई गुरिंदर पाल सिंह सहित अन्य सदस्यों ने खुलकर अपनी बात रखी। परिवार ने स्पष्ट कहा कि उन्हें न्याय की सबसे ज्यादा उम्मीद CBI जांच से है। उनका कहना है कि केंद्रीय गृह मंत्री के अनुसार यदि पंजाब के सांसद साइन कर दें, तो जांच शुरू हो सकती है। परिवार ने गुरजीत सिंह औजला, सुखजिंदर सिंह रंधावा, चरणजीत सिंह चन्नी, धर्मवीर गांधी और हरसिमरत कौर बादल सहित कई नेताओं का समर्थन मिलने पर आभार जताया। परिवार ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए साथ ही अन्य सांसदों से भी आगे आकर साइन करने की अपील की। प्रेस कॉन्फ्रेंस में परिवार ने सरकार और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि मामले में देरी हो रही है और कुछ आरोपियों को VIP ट्रीटमेंट दिया जा रहा है, जो पूरी तरह गलत है।परिवार ने यह भी कहा कि अभी तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी उन्हें नहीं सौंपी गई। रंधावा की बेटी हरसीरत कौर ने सरकार से नाराजगी जताते हुए कहा कि अगर सरकार ईमानदार है, तो उसके सांसदों को साइन कर जांच का रास्ता साफ करना चाहिए। अंत में परिवार ने चेतावनी दी कि यदि उन्हें इंसाफ नहीं मिला, तो वे हाईकोर्ट और केंद्र सरकार का दरवाजा खटखटाएंगे। उन्होंने समाज से इस लड़ाई में साथ देने की अपील की और कहा कि यह न्याय की लंबी लड़ाई है। बता दें 21 मार्च की सुबह रंधावा ने सल्फास निगल ली थी। इसके बाद अमृतसर के अस्पताल में उनकी मौत हो गई। उन्होंने मरने से पहले एक वीडियो बनाकर लालजीत भुल्लर को मौत का जिम्मेदार ठहराया था। अब पढ़िए 4 दिन में क्या क्या हुआ… बता दें 21 मार्च की सुबह रंधावा ने सल्फास निगल ली थी। इसके बाद अमृतसर के अस्पताल में उनकी मौत हो गई। उन्होंने मरने से पहले एक वीडियो बनाकर लालजीत भुल्लर को मौत का जिम्मेदार ठहराया था। पूर्व मंत्री लालजीत भुल्लर अमृतसर कोर्ट से बाहर आकर हाथ जोड़ते हुए। अब पढ़िए 4 दिन में क्या क्या हुआ… 21 मार्च मैनेजर का सुसाइड, मंत्री से इस्तीफा लिया 21 मार्च को रात को वेयरहाउस के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा ने अमृतसर में सल्फास निगल ली। जैसे ही इस बारे में पारिवारिक सदस्य व दोस्तों को पता चला तो वह उन्हें अस्पताल ले गए, जहां उनकी मौत हो गई। हालांकि मरने से पहले उनके द्वारा बनाया गया एक 12 सेकंड का वीडियो वायरल हो गया। इसमें रंधावा ने कहा “खा ली सल्फास यारों, मिनिस्टर लालजीत भुल्लर के डर से, अब मैं नहीं बचता।” इसका पता चलते ही सीएम भगवंत मान ने मंत्री भुल्लर से इस्तीफा ले लिया। सारे मामले की जांच चीफ सेक्रेटरी केएपी सिन्हा को सौंप दी। सभी विरोधी दल और परिवार FIR पर अड़े इसके बाद शनिवार को सभी राजनीतिक दलों के नेता मृतक अफसर के घर अमृतसर पहुंच गए। इनमें अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़, कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा और सांसद गुरजीत औजला भी शामिल थे। सुखबीर ने डीजीपी गौरव यादव से भी बात की। पुलिस अफसर परिवार से मिले और पोस्टमॉर्टम कराने को कहा। मगर, परिवार अड़ गया कि FIR होने तक पोस्टमॉर्टम नहीं कराएंगे। देर रात तक सभी दलों के नेता रणजीत एवेन्यू थाने में डटे रहे। देर रात पूर्व मंत्री, उनके पिता व PA पर एफआईआर हुई आधी रात को पुलिस ने मृतक अफसर की पत्नी व सरकारी टीचर उपिंदर कौर की शिकायत पर पूर्व मंत्री व विधायक लालजीत सिंह भुल्लर, उनके पिता सुखदेव भुल्लर और पीए दिलबाग के खिलाफ सुसाइड के लिए उकसाने समेत कई धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली। 22 मार्च फैमिली मीडिया के सामने आई, बताई सारी कहानी 22 मार्च यानि रविवार को सुसाइड के बाद अमृतसर में मृतक की पत्नी उपिंदर कौर अपने तीन बच्चों और सास के साथ पहली बार मीडिया के सामने पेश हुईं। उन्होंने FIR में लगाए आरोप दोहराते हुए कहा कि भुल्लर ने ये भी धमकी दी थी कि मुझे पता है कि तेरी बेटियां कहां पढ़ती हैं। डर की वजह से बच्चों को मामा के घर भेजा। उपिंदर खुद भी ड्यूटी मायके से कर रही थी। उपिंदर ने तरनतारन के DC और वेयरहाउस कार्पोरेशन के MD को लिखी चिटि्ठयां दिखाते हुए कहा कि किसी ने उनके पति की सुनवाई नहीं की। उपिंदर ने मंत्री की गिरफ्तारी की मांग की। पंजाब के पूर्व मंत्री की अरेस्ट को लेकर कांग्रेस, अकाली दल और बीजेपी वाले चंडीगढ़ में प्रदर्शन करते हुए। चंडीगढ़ पुलिस उन्हें वाटर कैनन का प्रयोग आगे बढ़ने से रोकते हुए। अकाली दल, कांग्रेस और बीजेपी का संयुक्त प्रदर्शन रविवार दोपहर एमएलए हॉस्टल में शिरोमणि अकाली दल, भाजपा और कांग्रेस के नेता इकट्ठा हुए। उन्होंने इस मामले में विधायक की गिरफ्तारी और जांच को लेकर सीएम हाउस की ओर जाने की कोशिश की, लेकिन चंडीगढ़ पुलिस ने उन्हें आगे नहीं बढ़ने दिया और उन पर पानी की बौछार की। इसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया और दोपहर में रिहा कर दिया गया। 23 मार्च सल्फास खाने का वीडियो वायरल हुआ 23 मार्च की सुबह सोशल मीडिया पर डीएम का सुसाइड करने के लिए सल्फास खाने संबंधी वीडियो वायरल हुआ, जो उनके घर के बाहर का था। इसमें साफ दिख रहा था कि वह कुछ खा रहे थे। परिवार ने सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया इसके बाद परिवार की तरफ से प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई। इसमें मृतक की पत्नी उपिंदर, सास और बच्चे मीडिया के सामने आए। पत्नी ने सरकार को अल्टीमेटम दिया कि 24 घंटे में मंत्री को अरेस्ट न किया गया तो वह बच्चों सहित सड़क पर बैठ जाएंगी। जबकि बड़ी बेटी ने कहा कि पापा के फोन पर मंत्री ने दस से ज्यादा कॉल की हैं। हमारे पास पुख्ता सबूत हैं। वहीं, उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली पर हमला किया। कई संस्थाएं भी उनके समर्थन में जुट गईं। मृतक अफसर की बेटी मीडिया के सामने पूर्व मंत्री के बारे में बताते हुए। गृहमंत्री शाह का सीबीआई जांच का भरोसा कांग्रेस के अमृतसर के सांसद गुरजीत औजला की तरफ से यह मामला संसद में उठाया गया। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच होनी चाहिए। इस पर गृहमंत्री ने आश्वासन दिया कि कानून व्यवस्था का मामला राज्य से जुड़ा होता है, लेकिन अगर सभी सांसद लिखित रूप में देंगे तो वह तुरंत मामले की जांच सीबीआई को सौंप देंगे। वहीं, बीजेपी की तरफ से पूरे प्रदेश में प्रदर्शन किए गए। इसमें बीजेपी की सीनियर लीडरशिप भी शामिल हुई। गृहमंत्री अमित शाह सीबीआई जांच करवाने के आदेश देते हुए। भुल्लर की गिरफ्तार, परिवार ने फोन देने से मना किया जैसे ही यह मामला संसद में उठा, उसके थोड़े समय बाद ही पूर्व मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर को मंडी गोबिंदगढ़ के पास से अरेस्ट कर लिया । दूसरी तरफ पूर्व मंत्री की सोशल मीडिया अकाउंट फेसबुक से पोस्ट आई, जिसमें उन्होंने लिखा कि वह सरेंडर करने जा रहे हैं। दूसरी तरफ पुलिस टीम अमृतसर में मृतक अफसर के घर पहुंची और अफसर का फोन देने की बात कही, लेकिन परिवार ने फोन देने से मना कर दिया। हालांकि इस दौरान परिवार की तरफ से पोस्टमॉर्टम पीजीआई या एम्स के डॉक्ट रों से करवाने के लिए याचिका दायर कर दी गई। परिवार ने कहा कि अब वह कल पोस्टमॉर्टम करवाकर उनका संस्कार करेंगे। शाम को कांग्रेस ने कैंडल मार्च निकाले। 24 मार्च चौथ दिन अंतिम संस्कार, बेटे ने दी मुखाग्नि रंधावा का मंगलवार को चौथे दिन अंतिम संस्कार किया गया। उन्हें उनके 10 साल के बेटे ने मुखाग्नि दी। इस दौरान उन्हें लाल पगड़ी पहनाई गई। पत्नी उनके चेहरे की ओर एकटक देखती रही, जबकि मौके पर मौजूद सभी लोगों की आंखें नम थीं। गगनदीप रंधावा को उनके 10 साल के बेटे ने मुखाग्नि दी। इससे पहले अस्पताल में रंधावा का करीब साढ़े 4 घंटे तक पोस्टमॉर्टम चला। एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट की निगरानी में सिविल अस्पताल में कार्रवाई की गई। साथ ही प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी की गई। उधर, पूर्व मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर को अमृतसर कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उन्हें 5 दिन पुलिस रिमांड पर भेजा गया। पेशी के दौरन उनके समर्थकों ने हंगामा किया। उन्होंने कोर्ट के अंदर घुसने की कोशिश की। इस पर पुलिस ने उन्हें रोक लिया। CBI जांच को लेकर भड़के CM वहीं, इस केस की जांच CBI को देने की बात पर CM भगवंत मान भड़क गए। चंडीगढ़ में आज प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि राजा वड़िंग और अमित शाह पर भी आरोप लगाकर लोग मर गए। तब किसने रिजाइन किया और कौन गिरफ्तार हुआ? CBI जांच से इनकार करते हुए CM ने कहा कि मिनिस्टर का रिजाइन हो गया। उसे अरेस्ट कर लिया। चीफ सेक्रेटरी को जांच के आदेश दिए हैं। नियमों के मुबाबिक कार्रवाई होगी। हमारे लिए मंत्री-संतरी एक समान हैं। भुल्लर के विभाग चीमा-रवजोत को दिए इस बीच पंजाब सरकार ने पोर्टफोलियो में फेरबदल किया। विवादों में घिरे लालजीत भुल्लर के इस्तीफे के बाद उनका ट्रांसपोर्ट विभाग वित्त मंत्री हरपाल चीमा को सौंप दिया गया है। वहीं, जेल विभाग की जिम्मेदारी डॉ. रवजोत को दी गई है। सरकार अब तक पोर्टफोलियो में 9 बार बदलाव कर चुकी है।

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