अगले महीने महादलित जनसंवाद का होगा आयोजन

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अगले महीने महादलित जनसंवाद का होगा आयोजन

अगले महीने महादलित जनसंवाद का होगा आयोजन

सीतामढ़ी, हि.प्र। जिले के महादलित समुदाय को मिलने वाली सरकारी योजनाओं की समीक्षा को लेकर महादलित जनसंवाद व महिला जनसंवाद कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इसका आयोजन अगले माह सितंबर में संभावित है। इसकी तैयारी को लेकर मंगलवार को जिला कल्याण अधिकारी सुभाष चंद्र राजकुमार ने अपने कार्यालय कक्ष में प्रखंड समन्वयक (विकास मित्र), प्रखंड कल्याण अधिकारियों व अनुमंडल कल्याण अधिकारी के साथ बैठक की। उन्होंने महादलित जनसंवाद को लेकर जारी विभागीय दिशानिर्देश से अवगत कराते हुए कहा कि कहा कि महादलित जनसंवाद में दो सौ परिवार को एक जगह एकत्रित कर ऑनलाइन जनसंवाद कराया जाना है। जिसका शिड्यूल राज्य स्तर से तैयार की जा रही है। निर्धारित शिड्यूल के तहत चिह्नित स्थलों पर महादलित समुदाय के दो सौ परिवार को एकत्रित कर राज्य से ऑनलाइन माध्यम से सरकार द्वारा देय कल्याण योजनाओं की समीक्षा की जाएगी। ऑनलाइन जनसंवाद में मुख्यमंत्री समेत सरकार के वरीय अधिकारी भी जुड़ सकते है। डीडब्लूओ ने बताया कि महिला जन संवाद में की जिम्मेवारी विभाग ने जीविका दीदी को तय की है। जबकि महादलित जन संवाद की जवाबदेही विकास मित्रों को दी गई है। जिस दिन महिला जन संवाद होगा उस दिन महादलित जन संवाद नहीं होगा। यानि एक दिन महिला जन संवाद तो दूसरे दिन महादलित जन संवाद किया जाएगा।

सात सामुदायिक भवन का होगा निमार्ण, जगह तलाशने का निर्देश:

जिले में कल्याण विभाग के तहत वर्ष 2024-25 में महादलित वस्तियों में सात सामुदायिक भवन का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए विभाग ने जिले को निर्धारित राशि की स्वीकृति के साथ ही आवश्यक दिशा निर्देश दिया है। इसकी जानकारी देते डीडब्लूओ सुभाष चंद्र राजकुमार ने विकास मित्रों, प्रखंड व अनुमंडल कल्याण अधिकारियों को महादलित वस्तियों में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए जमीन की तलाश करने को कहा है। हालांकि, उन्होंने बताया कि जमीन की तलाश में संबंधित अंचल अधिकारियों से सहयोग लिया जाएगा। प्रत्येक सामुदायिक भवन का निर्माण 30 लाख की लागत से होना है। सामुदायिक भवन का निमार्ण वैसे महादलित वस्तियों में कराया जाना है, जहां की महादलित सामुदाय की आवादी पांच सौ हो या सौ परिवार निवास करता हो। भवन के लिए 60 गुणा 50 स्क्वायर फीट यानि तीन हजार स्क्वायर फीट जगह होना जरूरी है। डीडब्लूओ ने बताया कि गत वर्ष भी सात सामुदायिक भवन की स्वीकृति मिली थी। इसमें चार भवन बनकर तैयार है, जबकि तीन जगहों पर जमीन का विवाद के चलते निर्माण कार्य शुरु नहीं हो पाया। इस वर्ष भी सात सामुदायिक भवन निर्माण का लक्ष्य दिया गया है। इसके लिए जमीन की तलाश की जा रही है।

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