अंता में भाजपा के बागी रामपाल ने पर्चा वापस लिया: अब 15 प्रत्याशी मैदान, नरेश मीणा ने मुकाबले को बनाया त्रिकोणीय – Anta News h3>
बारां जिले की अंता विधानसभा सीट पर 27 अक्टूबर को नामांकन वापसी के साथ उपचुनाव की स्थिति साफ हो गई है। आखिरी दिन बीजेपी के पूर्व विधायक रामपाल मेघवाल समेत 5 उम्मीदवारों ने नामांकन वापस ले लिया। नाम वापसी का समय सोमवार दोपहर 3 बजे तक था। अब 15 प्रत्याश
.
नरेश मीणा ने मुकाबले को त्रिकोणीय बनाया अंता में आमतौर पर बीजेपी और कांग्रेस के बीच मुकाबला देखने को मिलता है। मगर कांग्रेस के बागी नरेश मीणा ने निर्दलीय ताल ठोककर उपचुनाव को त्रिकोणीय बना दिया है। यहां अब कांग्रेस से प्रमोद जैन भाया, बीजेपी से मोरपाल सुमन और निर्दलीय नरेश मीणा के बीच मुकाबला माना जा रहा है।
रामपाल मेघवाल की नामांकन वापसी से बीजेपी में उत्साह वहीं बारां-अटरू से विधायक रहे रामपाल मेघवाल के नामांकन ने बीजेपी की मुश्किलों को बढ़ा दिया था। मेघवाल ने 25 अक्टूबर को जयपुर में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ से मुलाकात की थी।
रामपाल मेघवाल ने कहा -प्रदेश अध्यक्ष से मुलाकात के बाद मेरी नाराजगी दूर हुई है। इसके बाद मैंने पर्चा वापस लेने का मन बनाया।
बता दें कि रामपाल मेघवाल 2013 में बारां-अटरू सीट से बीजेपी के टिकट पर विधायक बने थे। 1991 से नवंबर 2013 तक तृतीय श्रेणी शिक्षक के तौर पर उन्होंने शिक्षा विभाग में अपनी सेवाएं दीं थीं। मेघवाल की नामांकन वापसी के बाद अब क्षेत्र के कार्यकर्ताओं में उत्साह नजर आ रहा है।
इन उम्मीदवारों ने नाम वापस लिए
- पूर्व विधायक रामपाल मेघवाल (निर्दलीय )
- अभय दास जांगिड़ ( भारतीय आमजन पार्टी )
- नरोत्तम पारी (निर्दलीय )
- संतोष सुमन
- सुनीता मीणा
प्रमोद जैन भाया की पत्नी का नामांकन खारिज हुआ था
इससे पहले नामांकन पत्रों की जांच के दौरान कांग्रेस के प्रत्याशी प्रमोद जैन भाया की पत्नी उर्मिला जैन का नामांकन पत्र खारिज हो गया था। उर्मिला को डमी के रूप में पार्टी ने पर्चा दाखिल कराया था।
अब 15 प्रत्याशी मैदान में डटे
| क्रम संख्या | प्रत्याशी | पार्टी | लिंग |
| 1 | प्रमोद जैन भाया | कांग्रेस | पुरुष |
| 2 | मोरपाल सुमन | बीजेपी | पुरुष |
| 3 | नरेश कुमार मीणा | निर्दलीय | पुरुष |
| 4 | पंकज कुमार | निर्दलीय | पुरुष |
| 5 | पुखराज सोनल | निर्दलीय | पुरुष |
| 6 | जमील अहमद | निर्दलीय | पुरुष |
| 7 | मंजूर आलम | निर्दलीय | पुरुष |
| 8 | नरेश | निर्दलीय | पुरुष |
| 9 | दिलदार | निर्दलीय | पुरुष |
| 10 | योगेश कुमार शर्मा | राइट टू रिकॉल पार्टी | पुरुष |
| 11 | बिलाल खान | निर्दलीय | पुरुष |
| 12 | नौशाद | निर्दलीय | महिला |
| 13 | बंशीलाल | निर्दलीय | पुरुष |
| 14 | राजपाल सिंह शेखावत | परिवार पार्टी ऑफ इंडिया | पुरुष |
| 15 | धर्मवीर | निर्दलीय | पुरुष |
क्यों हो रहा उपचुनाव साल 2023 में हुए विधानसभा चुनाव में पूर्व सीएम वसुंधरा राजे समर्थक कंवरलाल मीणा ने यहां से चुनाव जीता था। कंवरलाल मीणा को एसडीएम पर पिस्टल तानने के 20 साल पुराने मामले में सजा होने के बाद मई से उनकी विधायकी खत्म कर दी गई थी। इसके बाद चुनाव आयोग ने यहां उपचुनाव की घोषणा की है।
अब तक के 4 चुनावों में 2 बार बीजेपी, 2 बार कांग्रेस जीती परिसीमन के बाद 2008 में अंता सीट पर पहली बार चुनाव हुआ। इस चुनाव में कांग्रेस के प्रमोद जैन भाया ने बीजेपी प्रत्याशी पूर्व प्रदेशाध्यक्ष रघुवीर सिंह कौशल को 29,668 वोटों से हराया। 2013 में हुए चुनाव में बीजेपी के प्रभुलाल सैनी ने प्रमोद जैन भाया को 3399 वोटों से शिकस्त दी। 2018 के विधानसभा चुनाव में एक बार फिर कांग्रेस प्रत्याशी प्रमोद जैन भाया ने चुनाव जीता। भाया ने प्रभुलाल सैनी को 34063 वोटों से चुनाव हराया। साल 2023 में हुए चौथे विधानसभा चुनाव में कंवरलाल मीणा ने 5861 वोटों से कांग्रेस प्रत्याशी प्रमोद जैन भाया को हराकर सीट बीजेपी के खाते में पहुंचाई।
अंता सीट से 4 बार के चुनाव में तीन बार मंत्री बने अंता विधानसभा सीट पर हुए चार के चुनाव में से तीन बार चुने गए विधायक को मंत्री पद मिला। साल 2008 में चुनाव जीतकर प्रमोद जैन भाया, गहलोत सरकार में सार्वजनिक निर्माण विभाग के मंत्री बने। इसके बाद 2013 में भाया को हराने वाले प्रभुलाल सैनी, वसुंधरा सरकार में कृषि मंत्री बने। वहीं 2018 में फिर चुनाव जीतकर प्रमोद जैन भाया, गहलोत सरकार में खान एवं पशुपालन विभाग के मंत्री बने।
अंता में 2.27 लाख वोटर, पुनरीक्षण अभियान में 1336 वोटर बढ़े वोटर लिस्ट का ड्राफ्ट प्रकाशन के समय अंता विधानसभा क्षेत्र में कुल 2,26,227 वोटर थे, जिसमें 1,15,982 पुरुष, 1,10,241 महिला और 4 अन्य वोटर थे। अंता में उपचुनावों की तैयारियों के लिए वोटर लिस्ट के अपडेशन अभियान में 1336 वोटर बढ़े हैं। 1 अक्टूबर को फाइनल वोटर लिस्ट का प्रकाशन हुआ। इसके बाद अंता में कुल मतदाताओं की संख्या 2,27.563 हो गई।
अंता उपचुनाव की हार-जीत सरकार का पर्सेप्शन तय करेगी अंता सीट पर उपचुनाव के नतीजों से सरकार की सेहत पर असर नहीं पड़ेगा, लेकिन इससे पर्सेप्शन सेट होगा। अंता सीट पर अगर बीजेपी जीतती है तो इसे सरकार के काम पर जनता की मुहर के तौर पर पेश किया जाएगा। अगर बीजेपी यह सीट हार जाती है तो विपक्ष को हमलावर होने का मौका मिलेगा।
…….
यह भी पढ़ें अंता विधानसभा सीट पर उपचुनाव की घोषणा,11 नवंबर को वोटिंग:14 को आएगा रिजल्ट; वसुंधरा समर्थक कंवरलाल की विधायकी जाने से खाली हुई थी सीट
राजस्थान में बारां जिले की अंता विधानसभा सीट पर उपचुनाव की घोषणा हो गई है। इस सीट पर 11 नवंबर को वोटिंग होगी और 14 नवंबर को रिजल्ट आएगा। 13 अक्टूबर को चुनाव का गजट नोटिफिकेशन जारी होगा। प्रत्याशी 21 अक्टूबर तक नामांकन कर सकेंगे। 23 अक्टूबर को नामांकन की जांच होगी और 27 अक्टूबर तक प्रत्याशी नामांकन वापस ले सकेंगे। (यहां पढ़ें पूरी खबर)
