सोमवार, 7 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
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होर्मुज़ जलडमरूमध्य संकट: ईरान ने अमेरिका को ठहराया ज़िम्मेदार, कहा - 'युद्ध आपने शुरू किया, क़ीमत दुनिया चुका रही है'

ईरान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य में बिगड़ते हालात और वैश्विक व्यापार पर पड़ रहे इसके असर के लिए सीधे तौर पर अमेरिका को ज़िम्मेदार ठहराया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी विदेश…

होर्मुज़ जलडमरूमध्य संकट: ईरान ने अमेरिका को ठहराया ज़िम्मेदार, कहा - 'युद्ध आपने शुरू किया, क़ीमत दुनिया चुका रही है'
(फोटो: IANS)

ईरान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य में बिगड़ते हालात और वैश्विक व्यापार पर पड़ रहे इसके असर के लिए सीधे तौर पर अमेरिका को ज़िम्मेदार ठहराया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने कहा है कि यह युद्ध अमेरिका ने शुरू किया, लेकिन इसकी क़ीमत पूरी दुनिया चुका रही है और इसके लिए ईरान को दोषी बताने की कोशिश की जा रही है।

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बाघेई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जारी अपने एक बयान में कहा कि अमेरिका की ओर से जानबूझकर थोपे गए इस युद्ध ने पूरे समुद्री व्यापार को बाधित कर दिया है, जिससे ऊर्जा की क़ीमतें बढ़ गई हैं और दुनिया के सामने एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है।

अमेरिका पर दोहरे रवैये का आरोप

प्रवक्ता ने कहा कि 28 फरवरी तक होर्मुज़ जलडमरूमध्य पूरी तरह खुला हुआ था, लेकिन इसके बाद अमेरिका और इज़रायल ने ईरान पर हमला किया। उन्होंने वॉशिंगटन पर क्षेत्र में एक "अवैध और विनाशकारी युद्ध" शुरू करने का आरोप लगाया, जिससे व्यापारिक जहाजों की सामान्य आवाजाही प्रभावित हुई। बाघेई ने कहा, "तेल टैंकर रुक गए हैं, व्यापार बाधित हो गया है और ऊर्जा की कीमतें बढ़ रही हैं।"

उन्होंने आगे कहा, "अब अमेरिका दुनिया के सामने उस व्यवधान का बिल पेश करने की कोशिश कर रहा है, जो खुद उसी के कारण पैदा हुआ है और उसका ज़िम्मेदार ईरान को ठहराना चाहता है।" उनके मुताबिक, यह पूरी तरह से बेतुकी और अविश्वसनीय बात है।

क्षेत्र में बढ़ता तनाव

होर्मुज़ जलडमरूमध्य में अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष के कारण तनाव की स्थिति बनी हुई है, जिसका वैश्विक व्यापार के लिए अहम समुद्री यातायात पर बुरा असर पड़ रहा है।

हालिया घटनाक्रम में, रविवार को ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की चेतावनी के बाद होर्मुज़ से गुज़रने की कोशिश कर रहे तीन जहाजों को अपना रास्ता बदलना पड़ा था। इनमें दो तेल टैंकर और एक तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) वाहक शामिल थे। इसी दिन, ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने भी चेतावनी दी थी कि ईरान के राष्ट्रीय हितों के खिलाफ किसी भी हमले का जवाब "त्वरित, ज्यादा सख्त और दर्दनाक" होगा।

इनपुट: IANS

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