नौसेना की मारक क्षमता बढ़ेगी, ब्रह्मोस सिस्टम के लिए रक्षा मंत्रालय ने किया 661 करोड़ का सौदा
भारतीय नौसेना के अग्रिम पंक्ति के युद्धपोतों की मारक क्षमता को और मज़बूत करने के लिए रक्षा मंत्रालय ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मंगलवार को ब्रह्मोस एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड (BAPL) के साथ 661.50…
भारतीय नौसेना के अग्रिम पंक्ति के युद्धपोतों की मारक क्षमता को और मज़बूत करने के लिए रक्षा मंत्रालय ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मंगलवार को ब्रह्मोस एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड (BAPL) के साथ 661.50 करोड़ रुपये के एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह सौदा ब्रह्मोस मिसाइलों के लिए लॉन्चर और फायर कंट्रोल सिस्टम की खरीद से संबंधित है।
रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की उपस्थिति में हुए इस समझौते को ‘भारतीय-आईडीडीएम’ (भारतीय रूप से डिजाइन, विकसित और निर्मित) श्रेणी के तहत अंतिम रूप दिया गया है। यह सौदा न केवल नौसेना की आक्रामक क्षमताओं को बढ़ाएगा, बल्कि 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान को भी गति देगा।
स्वदेशीकरण और रोज़गार पर ज़ोर
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, इस परियोजना की एक बड़ी विशेषता यह है कि इसमें कम से कम 68 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया जाएगा। इससे घरेलू रक्षा उद्योग को बढ़ावा मिलेगा और कई भारतीय कंपनियों, विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) की भागीदारी बढ़ेगी। मंत्रालय का यह भी कहना है कि इस परियोजना से अगले तीन वर्षों में रोज़गार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
ब्रह्मोस: नौसेना की प्रमुख शक्ति
ब्रह्मोस प्रणाली पहले से ही भारतीय नौसेना के कई युद्धपोतों पर प्रमुख सतह से सतह पर मार करने वाले मिसाइल सिस्टम के रूप में तैनात है। अपनी तेज़ गति और सटीक निशाना साधने की क्षमता के लिए प्रसिद्ध यह मिसाइल लंबी दूरी से समुद्री और ज़मीनी, दोनों तरह के लक्ष्यों को भेद सकती है। नए फायर कंट्रोल सिस्टम और लॉन्चर की खरीद से नौसेना की युद्धक तैयारी को और बल मिलने की उम्मीद है।
इनपुट: IANS



