जंतर-मंतर प्रदर्शन से पहले यूट्यूबर ध्रुव राठी हिरासत में, गुरुग्राम पुलिस ने देर रात दी रिहाई
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित एक विरोध प्रदर्शन से पहले यूट्यूबर ध्रुव राठी को गुरुग्राम पुलिस ने हिरासत में ले लिया। समाचार एजेंसी…
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित एक विरोध प्रदर्शन से पहले यूट्यूबर ध्रुव राठी को गुरुग्राम पुलिस ने हिरासत में ले लिया। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार सुबह करीब 5 बजे उन्हें सेक्टर 56 स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया गया और फिर देर रात 3 बजे रिहा कर दिया गया।
पुलिस ने राठी को इस हिदायत के साथ छोड़ा कि वह इस प्रदर्शन में शामिल नहीं होंगे। ध्रुव राठी इसी कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली आए थे। उन पर आरोप था कि उन्होंने एक वीडियो के माध्यम से लोगों को सीजेपी (CJP) के इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया था।
विरोध प्रदर्शन से पहले दिल्ली में पाबंदियां
इस घटनाक्रम से एक दिन पहले, शुक्रवार को ध्रुव राठी ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे। इंस्टाग्राम पर जारी एक वीडियो में उन्होंने दावा किया था कि 10 अक्टूबर को होने वाले प्रदर्शन को रोकने के लिए दिल्ली में "लगभग लॉकडाउन जैसी स्थिति" बना दी गई है। उन्होंने राजधानी में भारी सुरक्षा तैनाती और परिवहन पर लगी पाबंदियों पर सवाल उठाए थे।
वीडियो में राठी ने कहा, "कैसे हैं आप दोस्तों? मैं दिल्ली पहुंच गया हूं। यहां मैंने देखा कि 50 से ज्यादा मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए हैं। ट्रेनें बंद कर दी गई हैं। बसें रद्द कर दी गई हैं। और हमारे विरोध प्रदर्शन के कारण वे लगभग दिल्ली को लॉकडाउन में डाल रहे हैं।"
'प्रदर्शन संवैधानिक अधिकार'
अपने वीडियो में ध्रुव राठी ने यह भी कहा था कि एक तरफ भाजपा से जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट यह दावा कर रहे हैं कि प्रदर्शन में कम भीड़ जुटेगी, वहीं दूसरी तरफ सरकार खुद इतने बड़े पैमाने पर पाबंदियां लगा रही है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया था कि विरोध प्रदर्शन करना आम लोगों का एक संवैधानिक अधिकार है।
इनपुट: IANS



