मोदी ने किससे कहा, ‘आपने हमें शासन चलाना सिखाया’

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देश के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने आज सुबह एक ट्विट कर लोगों के साथ एक पत्र शेयर किया, जो उनके विदाई समारोह के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हें धन्यवाद के तौर पर लिखी थी। इस पत्र को शेयर करते हुए प्रणब मुखर्जी ने लिखा, “राष्ट्रपति कार्यालय में अपने आखिरी दिनों के दौरान, मैंने एक पत्र पाया, जो प्रधानमंत्री मोदी ने मुझे लिखी थी, जो मन को छू गई। इसे आप सभी के साथ शेयर कर रहा हूं”। जवाब मोदी जी ने एक घंटे बाद दिया, “प्रणब दा, मैं आपके साथ काम करने के यादों को संजो कर रखूंगा।”

बता दें कि राष्ट्रपति के रूप में विदाई समारोह के दौरान, प्रणब मुखर्जी ने मोदी के उर्जा की तारीफ की थी और मोदी ने भी उन्हें पिता तुल्य कहा था। प्रधानमंत्री ने कहा था कि प्रणब दा मेरी परवाह किया करते थे, बीच-बीच में फोन कर मेरे स्वास्थ्य की जानकारी लेते थे, और कभी-कभी तो यहां तक कहा करते थे कि इतना काम मत किया करो। बीमार हो जाओगे। मोदी ने ये भी कहां कि प्रणब मुखर्जी ने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर मेरी मदद की। हम दोनों अलग-अलग पार्टी से ही नहीं अलग विधारधारा के भी लोग है। लेकिन इन्होंने मुझे उस वक्त संभाला जब मैं दिल्ली की राजनीति में नया था। भले ही मैंने गुजरात के सीएम के रूप में काम किया था लेकिन कभी दिल्ली के सत्ता का मुझे अनुभव नहीं था। जबकि प्रणब दा केन्द्र की राजनीति के माहिर समझे जाते हैं। यही नहीं कांग्रेस पार्टी में उनके जैसा नेता अब शायद ही है। मोदी के अनुसार, प्रणब दा के केन्द्र के लिए देश-विदेश में काम करना मेरे लिए फायदे मंद रहा।

प्रधानमंत्री और पूर्व राष्ट्रपति के इस ट्विट से हमारे राजनीतिज्ञों को सबक लेना चाहिए और साथ में मिलकर देश की प्रगति के लिए काम करना चाहिए।

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