उत्तर प्रदेश: योगी कैबिनेट की बैठक में बड़े फैसले, टेक्सटाइल और रोबोटिक्स पार्क से 2 लाख रोजगार का लक्ष्य
उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन को गति देने के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार ने कई अहम परियोजनाओं को हरी झंडी दिखा दी है। मंगलवार को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में…
उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन को गति देने के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार ने कई अहम परियोजनाओं को हरी झंडी दिखा दी है। मंगलवार को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लखनऊ-हरदोई सीमा पर विशाल टेक्सटाइल पार्क, ग्रेटर नोएडा में रोबोटिक्स पार्क और पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए राज्य के पहले पशुधन मिशन को मंजूरी दी गई। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इन परियोजनाओं का उद्देश्य प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करने के साथ-साथ युवाओं के लिए रोजगार के लाखों नए अवसर पैदा करना है।
इन फैसलों में सबसे अहम पीएम मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क है, जिसके जरिए लगभग एक लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने की उम्मीद है। इसके अलावा, ग्रेटर नोएडा में स्थापित होने वाले रोबोटिक्स पार्क से भी एक लाख से अधिक नौकरियों के सृजन का अनुमान है। सरकार का जोर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने और औद्योगिक बुनियादी ढांचे को विश्वस्तरीय बनाने पर है।
टेक्सटाइल और रोबोटिक्स हब बनेगा यूपी
भारत सरकार की पीएम मित्र योजना के तहत लखनऊ-हरदोई सीमा पर 1,000 एकड़ में पीएम मित्र मेगा इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल पार्क विकसित किया जा रहा है। कैबिनेट ने इसके मास्टर डेवलपर के तौर पर मेसर्स रामकी इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड का चयन किया है। हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान के अनुसार, इस परियोजना की अनुमानित लागत 1,947 करोड़ रुपये है, जिसमें केंद्र सरकार 500 करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता देगी। यह पार्क पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर विकसित होगा।
वहीं, तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने के लिए ग्रेटर नोएडा में 'प्रगति' (प्लेटफॉर्म फॉर रोबोटिक्स एंड एआई ग्रोथ थ्रू टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन) रोबोटिक्स पार्क की स्थापना को भी मंजूरी दी गई। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि करीब 70 एकड़ में बनने वाला यह पार्क रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित तकनीक का एक बड़ा केंद्र बनेगा, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था में सालाना लगभग 2,000 करोड़ रुपये का इजाफा होने का अनुमान है।
किसानों की आय के लिए पशुधन मिशन
कैबिनेट ने प्रदेश के इतिहास में पहली बार 'राज्य पशुधन मिशन' को मंजूरी दी है। पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि इसका लक्ष्य पशुपालन के जरिए किसानों, खासकर छोटे और सीमांत किसानों की आय बढ़ाना है। इस मिशन में पशुधन उद्यमिता, नस्ल सुधार, चारा विकास और नवाचार जैसे पांच उप-मिशन शामिल हैं।
योजना की खास बातें:
- साहीवाल, देसी और हरियाणवी जैसी उन्नत नस्लों को बढ़ावा दिया जाएगा।
- एक उन्नत गाय खरीदने पर 40,000 रुपये और दो गायों पर 80,000 रुपये का अनुदान मिलेगा।
- बकरी, भेड़, सूअर और मुर्गी पालन को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।
- जरूरतमंद परिवारों को सौ-सौ चूजे उपलब्ध कराए जाएंगे।
- अनुदान की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी।
इन योजनाओं के अलावा, कैबिनेट ने प्रयागराज में इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए 845 नए आवासों के निर्माण के प्रस्ताव को भी अपनी स्वीकृति दे दी है।
इनपुट: IANS



