यमुना एक्सप्रेसवे बस हादसा: विपक्ष ने उठाए गंभीर सवाल, उच्चस्तरीय जांच और सुरक्षा ऑडिट की मांग
उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर चलती बस में आग लगने से 9 लोगों की मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना के बाद विपक्षी दलों ने सरकार पर सवाल उठाते हुए एक उच्चस्तरीय जांच की मांग की है…
उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर चलती बस में आग लगने से 9 लोगों की मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना के बाद विपक्षी दलों ने सरकार पर सवाल उठाते हुए एक उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने इस हादसे को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने पर जोर दिया।
कांग्रेस नेता आसिम वकार ने इस घटना को लेकर योगी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने इसे महज़ एक दुर्घटना न बताते हुए 'भ्रष्टाचार की आग' करार दिया, जिसमें लोगों की जान चली गई। वकार ने प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह से जवाबदेही की मांग की और कहा कि भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी बसों की एक सूची तैयार की जानी चाहिए।
विपक्ष की मुख्य मांगें और प्रतिक्रियाएं
इस हादसे पर समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने IANS से बातचीत में कहा, "यह बहुत ही दुखद घटना है। हम पीड़ितों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं। इसकी उच्चस्तरीय जांच की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।"
वहीं, सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने बसों में सुरक्षा उपायों की कमी पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ऐसे हादसों में सुरक्षा उपकरण अपर्याप्त होते हैं और लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल पाता। उन्होंने सुझाव दिया कि सिर्फ इमरजेंसी एग्जिट के अलावा भी अन्य सुरक्षा उपाय होने चाहिए ताकि लोगों की जान बचाई जा सके।
घायलों के इलाज और सुरक्षा ऑडिट पर जोर
कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने भी घटना पर शोक जताते हुए जांच की मांग की। उन्होंने हादसे में घायल हुए लोगों के समुचित इलाज और सरकार द्वारा सुरक्षा ऑडिट को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर बल दिया। विपक्ष का मानना है कि इस तरह की लगातार हो रही घटनाओं को रोकने के लिए सरकार को गंभीरता से विचार करना होगा।
इनपुट: IANS



