रविवार, 4 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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भारतीय अर्थव्यवस्था पर दुनिया का भरोसा कायम, लगातार तीसरे साल 7% से ज़्यादा ग्रोथ की उम्मीद

भारत की आर्थिक वृद्धि दर लगातार तीसरे साल 7 प्रतिशत से ऊपर बनी हुई है, जो देश की आर्थिक नीतियों और क्षमताओं में बढ़ते वैश्विक विश्वास को दर्शाता है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय…

भारतीय अर्थव्यवस्था पर दुनिया का भरोसा कायम, लगातार तीसरे साल 7% से ज़्यादा ग्रोथ की उम्मीद
(फोटो: IANS)

भारत की आर्थिक वृद्धि दर लगातार तीसरे साल 7 प्रतिशत से ऊपर बनी हुई है, जो देश की आर्थिक नीतियों और क्षमताओं में बढ़ते वैश्विक विश्वास को दर्शाता है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय (MoSPI) के सचिव डॉ. सौरभ गर्ग ने समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में कहा कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में दर्ज की गई 7.8% की वृद्धि दर बेहद उत्साहजनक है।

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उन्होंने बताया कि कई अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं भी भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति को देखते हुए अपने विकास दर अनुमानों को संशोधित कर रही हैं। डॉ. गर्ग के अनुसार, वास्तविक अर्थव्यवस्था से जुड़े अन्य संकेतक भी इसी सकारात्मक रुझान की पुष्टि करते हैं, जिससे भारत की आर्थिक मजबूती का स्पष्ट संकेत मिलता है।

भारत-इंडोनेशिया सहयोग की संभावनाएं

इसी बीच, इंडोनेशिया की राष्ट्रपति की अंतरराष्ट्रीय व्यापार मामलों की विशेष दूत मारी एल्का पांगेस्टु ने भारत के साथ आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि आसियान-भारत सहयोग या द्विपक्षीय स्तर पर, दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश की संभावनाओं का अभी पूरी तरह से उपयोग नहीं हुआ है।

उन्होंने सेमीकंडक्टर और ऑटोमोबाइल, विशेषकर इलेक्ट्रिक वाहन (EV) उद्योग को सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों के रूप में रेखांकित किया। पांगेस्टु ने कहा, “इंडोनेशिया के पास बैटरी निर्माण के लिए जरूरी महत्वपूर्ण खनिज हैं और देश ईवी उद्योग के विकास में रुचि रखता है। वहीं भारत का विशाल बाजार और बढ़ती विनिर्माण क्षमता दोनों के लिए एक लाभकारी साझेदारी का आधार बन सकती है।” इसके अलावा उन्होंने पर्यटन, वस्तु और सेवा क्षेत्रों में भी विस्तार की काफी गुंजाइश बताई।

वैश्विक व्यापार पर टिप्पणी

वैश्विक व्यापार के बदलते माहौल पर टिप्पणी करते हुए पांगेस्टु ने कहा कि अगर अमेरिका टैरिफ को आर्थिक नीति के एक हथियार के रूप में इस्तेमाल करना चाहता है, तो यह उसका अपना निर्णय है। हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि बाकी देशों को एक-दूसरे के खिलाफ संरक्षणवादी नीतियां नहीं अपनानी चाहिए। IANS से बातचीत में उन्होंने कहा, “अमेरिका का वैश्विक व्यापार में हिस्सा करीब 13% है, जबकि बाकी 87% व्यापार दुनिया के अन्य देशों के बीच होता है। इसलिए देशों को आपसी निवेश और व्यापार बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए।”

इनपुट: IANS

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