डायन होने का था ‘शक’, फिर जो किया तो सब सकते में आ गए

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बिहार के नवादा जिले से डायन होने के शक में एक महिला की हत्या का मामला सामने आया है। दरअसल, कुछ लोगों ने एक महिला को डायन होने के संदेह में जान से मार डाला।

नवादा जिले के कौआकोल थाना अंतर्गत तरौन गांव में एक महिला की डायन होने का आरोप लगाकर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। पुलिस अधीक्षक हरि प्रसाथ एस. ने बताया कि इस सिलसिले में नामजद चार आरोपियों में से दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

पकडीबरावां अनुमंडल पुलिस अधिकारी मुकेश कुमार साह ने बताया कि मृतक महिला का नाम चिंता देवी जिसकी उम्र 60 साल बताई जा रही है। उन्होंने बताया कि इस सिलसिले में चिंता देवी की पुत्री द्वारा कैलाश मांझी और उनके पुत्र सोनू सहित कुल चार आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

साह ने बताया कि पुलिस ने कैलाश मांझी और सोनू को गिरफ्तार कर लिया है व दो अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। उन्होंने बताया कि कैलाश के 12 वर्षीय पुत्र मुन्ना मांझी की बीते 26 अगस्त की शाम मृत्य हो गई थी। वह लंबे समय से बीमार था। चारों आरोपियों ने उसकी मौत के लिए चिंता देवी को जिम्मेदार माना और उन्होंने डायन होने का आरोप लगाते हुए महिला की पीट-पीटकर हत्या कर दी।

बता दें कि कि नवादा जिले में ही पिछले महीने ही डायन बताकर एक अन्य महिला की पीट-पीटकर हत्या कर दी। मामला गोविंदपुर थाना क्षेत्र के तहत आने वाले कोयलीगढ़ का था। मृतक महिला की पहचान 50 वर्षीय मंती देवी के रूप में हुई थी। बीते 20 जुलाई को 10 से 12 लोगों ने झारखंड के गुमला जिले में डायन बताकर और जादू-टोना के शक में दो महिला महिलाओं समेत 4 लोगों को उनके घर से बाहर निकाला और लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी थी।

इससे पहले जादू-टोने के शक में ही पिछले महीने राज्य के पश्चिम सिंघभूम जिले के नक्सल प्रभावित रोवाओली गांव में एक 50 वर्षीय महिला और उसकी 25 साल की बेटी की हत्या कर दी गई थी। वहीं, पिछले साल जून में बिहार के पूर्णिया जिले में एक महिला पर डायन होने का आरोप लगाते हुए उसके ही परिवार के लोगों ने उसे पीट-पीट कर मार डाला।

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