जाने क्यों फीमेल पार्टनर को ऑर्गैज्म हासिल होते ही उनके शरीर में होने लगते हैं ऐसे बदलाव

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जाने क्यों फीमेल पार्टनर को ऑर्गैज्म हासिल होते ही उनके शरीर में होने लगते हैं ऐसे बदलाव

फिल्में हों या फिर रियल लाइफ मेल ऑर्गैज्म और क्लाइमैक्स पर तो सभी का फोकस रहता है, लेकिन फीमेल ऑर्गैज्म के बारें में बहुत ही कम लोग जानते है. अब बदलते समय के साथ ही लोगों में भी बदलाव आ रहें है. फिल्मों के साथ साथ अब रियल लाइफ में भी सेक्स ऑर्गैज्म की बातें की जाती है, लेकिन सिर्फ तेज कराहने की आवाज ही ऑर्गैज्म का संकेत नहीं होते है. शरीर में होने वाले उन बदलाव होते है.

जब आप सेक्शुअली स्टिमुलेटेड होती हैं और उत्तेजना महसूस होती है तो सिर्फ वजाइना में ही नहीं बल्कि शरीर के कई अंगों में ब्लड का फ्लो बढ़ जाता है जिससे आपकी स्किन, फेस, जांघ और ब्रेस्ट लाल होने के साथ-साथ हल्का गर्म भी हो जाता है। इस प्रक्रिया को सेक्स फ्लश भी कहते हैं.

अगर आपको ऑर्गैज्म हासिल हो गया है, तो आपकी वजाइना यानी जननांग बेहद सेंसेटिव हो जाते हैं और उस वक्त उन्हें छूने का भी दिल नहीं करता.ऐसा इसलिए क्योंकि क्लिटरिस में सैंकड़ों नर्व्स होते हैं और हर महिला क्लिटरिस स्टिमुलेशन पर अलग-अलग तरह से रिऐक्ट करती है.

जब आप सेक्स करते है या फिर जब मास्टरबेशन के बाद ऑर्गैज्म हासिल करती हैं तो आपकी पेल्विक वॉल्स एक्सपैंड हो जाती हैं. इस दौरान रिलीज हुई सेक्शुअल एनर्जी की वजह से बहुत सी महिलाओं को कंपकंपी या थरथराहट भी महसूस होती है.

अगर आप जिम सेशन करते हो, तो आपको पता होगा कि ऑर्गैज्म हासिल करना किसी कार्डियो सेशन जैसा ही है. जहां क्लाइमैक्स हासिल करते ही आपकी सांसे फूलने लगती हैं और दिल की धड़कन तेज हो जाती है.

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आखिरकार इतनी मेहनत के बाद जब आप क्लाइमैक्स हासिल कर लेती हैं तो इस दौरान ऑक्सिटोसिन जिसे लव हॉर्मोन भी कहते हैं. नाम का एक हॉर्मोन रिलीज होता है. जिससे आपको खुशी महसूस होने लगती है.