क्या होता है ‘Pelvic Pain’, जानें पेडू दर्द का कारण और बचाव के तरीके

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महिलाओं में मासिक धर्म के दौरान पेडू का दर्द आम बात है। देश में हर तीन में से एक महिला अपने जीवन के किसी न किसी स्तर पर इस दर्द (पेल्विक पैन) से पीड़ित होती है। पेट के निचले हिस्से को पेडू या पेल्विस कहा जाता है। इसमें पेट के निचले हिस्से की आंतें, मूत्राशय और अंडाशय शामिल होते हैं।

पेडू के दर्द से मतलब इनमें में से किसी अंग या इनके आसपास की हड्डियों या मांसपेशियों में होने वाला दर्द है। कई बार यह दर्द थोड़ी देर में अपने आप चला जाता है, लेकिन यदि दर्द लंबे समय तक रहता है या बार-बार होता है तो डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

पेडू का दर्द किसी एक स्थान पर हो सकता है या एक से दूसरे स्थान पर जा सकता है। इसकी शुरुआत पेट और जांघ के बीच दर्द से होती है। कुछ मामले में कूल्हों के आसपास भी पेडू का दर्द महसूस किया जाता है। महिलाओं में अंडाशय की गांठ के कारण पेडू का दर्द हो सकता है।

पेडू के दर्द के लक्षण-

पेशाब में खून आना, पेशाब करने में समस्या, पेशाब में बदबू, मासिक धर्म के दौरान ऐंठन या दर्द, कब्ज या दस्त, पेट फूलना या पेट में गैस होना, बुखार आदि।

पेडू के दर्द का इलाज-

पेडू के दर्द का सही कारण जानने के बाद ही इलाज तय होता है। इसके लिए सामान्य रूप से ब्लड और यूरिन टेस्ट करवाए जाते हैं। इसके अलवा प्रेग्नेंसी टेस्ट, अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन, एमआरआई, एंडोस्कॉपी, लेप्रोस्कॉपी और पेडू का एक्सरे किया जाता है। आमतौर पर पेडू के दर्द के लक्षण दूर करने के लिए दवाएं दी जाती हैं।

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इनमें दर्द निवारक दवाएं, महिलाओं में हार्मोंन्स के लिए दवाएं, एंटीबायोटिक दवाएं, एंटीडिप्रेसेंट दवाएं शामिल हैं। दवा से इलाज संभव है। समस्या गंभीर होने पर सर्जरी भी की जाती है। लंबे समय तक एक ही स्थान पर बैठे रहने से भी यह दर्द हो सकता है। दर्द होने पर आराम करने की सलाह दी जाती है।