क्या कारण है कि सूरत कपड़े और हीरे के व्यवसाय में अन्य राज्यों से है आगे

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सूरत: सूरत गुजरात प्रांत का एक मुख्य शहर है. तापी नदी सूरत शहर के मध्य से होकर गुजरती है. सूरत मुख्यत कपड़ा उद्योग और डायमंड कटिंग और पोलिशिंग के लिए जाना जाता है. ये ही नहीं इस शहर को सिल्क सिटी और डायमंड सिटी भी कहते है. यह सड़क, रेल और हवाई मार्गों से जुड़ हुआ है. ये ही कारण है कि सूरत भारत का सबसे प्रसिद्ध शहर है. तो चलिए जानते है कि आखिर क्यों सूरत कपड़े और हीरे के व्यवसाय में अन्य राज्यों से है आगे…..

आदि काल से ही समुद्र तटीय क्षेत्र हमेशा व्यापार केंद्र रहें है

बता दें कि सूरत समुद्र तट के समीप है और वहां की जलवायु धागा बनाने के लिए काफी उपयुक्त है. सबसे बड़ी बात तो यह है कि तैयार माल के निर्यात के लिए हजीरा बंदरगाह नज़दीक होने की सुविधा भी उपलब्ध है. कपड़ा बनाने और हीरे के कारीगर सालों से यहीं काम कर रहे है. भारत देश में हीरों का सबसे अधिक कार्य सूरत में होता है. आदि काल से ही समुद्र तटीय क्षेत्र हमेशा व्यापार केंद्र रहें है जैसे मुंबई, दक्षिण में कोचीन आदि.

सूरत सिर्फ हीरों के लिए ही नहीं बल्कि कपड़े के लिए और हवाला कारोबार के लिए भी खूब जाना जाता

सूरत सिर्फ हीरों के लिए ही नहीं बल्कि कपड़े के लिए और हवाला कारोबार के लिए भी खूब जाना जाता है. कोई भी शहर अगर अपने व्यवसाय में आगे बढ़ता है तो इसके कई कारण होते है. इसमें सबसे पहला कारण है उस शहर के लोगों की व्यावसायिक बुद्धि, कच्चा माल, स्थानीय प्रशासन का सहयोग बुनियादी संसाधन और सबसे ज़रूरी मेन पॉवर की उपलब्धता, और सूरत जैसे शहर में ये तमाम चीजें शामिल है. हीरे का व्यवसाय व कपड़ा उद्योग में आज के वक्त में असल सुरती लोगों के बजाय प्रांतीय लोगों का दबदबा है. हीरा उद्योग सौराष्ट्र के लोगों के दम वही कपड़ा उधयोग, मारवाड़ी व पंजाबी समाज के लोगों के हाथ मैं है.

यहां पर कच्चे मार्ग की उपलब्धता भरपूर है

यहां पर हर प्रांत के लोग व्यवसाय करते दिखेंगे और अधिकांश की दूसरी या तीसरी पीढ़ी चल रहीं है. जब एक परिवार के अन्य सदस्य एक ही व्यवसाय मैं होता है तो व्यावसायिक उन्नति के साथ पारिवारिक भी काफी मजबूत होती है. यहां के व्यवसायों को आगे बढ़ाने में सामाजिक संरचना भी एक आधार है जो इस राज्य के व्यवसायों को ऊपर बढ़ा रहा है. यहां पर कच्चे मार्ग की उपलब्धता भरपूर है. यहां श्रमशक्ति भी सस्ते दामों पर उपलब्ध है. सरकारी सुविधाएं भी इस क्षेत्र को आगे बढ़ने में मददगार साबित हुई है. यहां पर विभिन्न राज्यों के लोग रोजगार के लिए आकर बस जाते है जिसके कारण मिलों में काम करने के लिए लोग आसानी से उपलब्ध हो जाते है.

राज्य के आगे बढ़ाने में ये ही नहीं बल्कि उत्पादन और निर्माण कारकों की आवश्यक

वहीं समय के साथ-साथ नई टेक्नोलॉजी आने से भी सूरत के करोबार में काफी इजाफा देखा गया है. सूरत के कारोबारियों ने सस्ती श्रमशक्ति और नयी टेक्नोलॉजी को जल्दी सीखने से इस कारोबार पर अपना प्रभाव बना लिया है. एक राज्य के आगे बढ़ाने में ये ही नहीं बल्कि उत्पादन और निर्माण कारकों की आवश्यकता भी होती है. जैसे बैंकिंग सुविधा, अच्छे यातायात के साधन, कपडे के लिए उपयुक्त मौसम, बिजली आपूर्ति, संचार के साधन, कर और सरकार की नीतियां समेत अन्य कारक.

Inputs by quora