जानिए दिल्ली मेट्रो से जुड़े कुछ रोचक तथ्य, जो शायद ही आप जानते होंगे

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नई दिल्ली: जब से दिल्ली मेट्रो शुरू हुई है तब से यात्रियों को सफर करने में किसी प्रकार की कोई भी परेशानी नहीं आती है. मेट्रो के आने से अब लोगों का काफी समय बचता है, जहां जाना है वहां समय में पहुंच पाते है. पर क्या आप जानते है दिल्ली मेट्रो से जुड़े कुछ ऐसे रोचक तथ्य अगर नहीं तो ज्यादा मत सोचे इस आर्टिकल द्वारा आप जान पाएंगे.

साल 2001 में दिल्ली मेट्रो शुरू हुई थी

कहते है भारत देश पर्यटकों का सबसे पसंदीद शहर है. सभी का मुख्य आकर्षण का बिंदु दिल्ली है. जब से दिल्ली मेट्रो आई है तब से दिल्ली काफी ज्यादा पॉपुलर हो गया है. बता दें कि साल 2001 में दिल्ली मेट्रो शुरू हुई थी, तब से यहां के नागरिकों के लिए यात्रा बेहद सुलभ हो गई है. ये ही नहीं देश के लोग हो या फिर विदेश के सभी को दिल्ली में सबसे पहला आकर्षण दिल्ली मेट्रो ही है. जहां दिल्ली को आपस में जोड़ती दिल्ली मेट्रो ने लोगों की जिंदगी तो आसान की है, वहीं दुनियाभर में भी अपनी नयी पहचान बनाई है.


यूं तो आप अक्सर ही दिल्ली मेट्रो से सफर करते है और आपको दिल्ली मेट्रो की तमाम लाइनों के बारे में भी जानकारी होगी, लेकिन आज जो हम आपको बताने जा रहें है शायद ही आप उसके बारे में जानते है. तो चलिए हम आपको रूबरू करते है दिल्ली मेट्रो से जुड़े कुछ खास चीजों से………

यूनाइटेड नेशन (यूएन) ने दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन को सर्टिफाई किया

आपको बता दें कि यूनाइटेड नेशन (यूएन) ने दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन (डीएमआरसी) को ऐसे पहले मेट्रो के रुप में सर्टिफाई किया है जिसे ग्रीन हाउस गैस के उत्सर्जन में कमी के लिए कार्बन क्रेडिट प्रदान किया गया.

एस्केलेटर्स पर ‘साड़ी गार्ड’ सिस्टम

स्टेशन के स्वचालित सीढ़ियों यानी की एस्केलेटर्स पर ‘साड़ी गार्ड’ सिस्टम है. इसका अर्थ है कि अगर किसी कारण वर्ष आपके कपड़े एस्केलेटर में फंस जाते हैं, तो आप सीढ़ियों में उपस्थित Emergency Button का प्रयोग कर एस्केलेटर को रोक सकते है.

प्लेटफार्म पर पीली रंग की लाइन, नेत्रहीन लोगों के सहारे के लिए बनाई गई 

दिल्ली मेट्रो की प्लेटफार्म को इस तरह डिज़ाइन किया गया है ताकी कोई भी नेत्रहीन व्यक्ति बिना किसी की मदद लिए मेट्रो में सफर कर सकें. आपने हमेशा ही गौर किया होगा कि प्लेटफार्म में पीली रंग की लाइन बनी होती है जो नेत्रहीन लोगों के सहारे के लिए बनाया गया है.

साल 2014 में मेट्रो ने एक नया कृतिमान कायम किया, जी हां, दिल्ली मेट्रो में सबसे प्रसिद्ध मेट्रो सिस्टम न्यूयॉर्क मेट्रो के बाद दूसरे स्थान पर है. आपने देखा होगा कि दिल्ली मेट्रो के किसी भी स्टेशन के भीतर डस्टबीन नहीं है. बवजूद इसके स्टेशन साफ-सुथरा मिलेंगा.

बिजली कट नहीं पावर शिफ्ट होता है जो डी.एम.आर.सी द्वारा ही किया जाता है

यदि आप दिल्ली मेट्रो में सफर करते है तो अपने देखा होगा कि कई बार यात्रा करते वक्त बीज में बिजली चली जाती है जिसमें मेट्रो की लाइट, ए.सी समेत सब बंद हो जाता है. असल में यह बिजली कट नहीं पावर शिफ्ट होता है जो डी.एम.आर.सी द्वारा ही किया जाता है.

कभी आपने दिल्ली मेट्रो में Odd Number में जैसे कि 5 या 7 संख्या में कोच देखी हैं? नहीं ना! क्योंकि मेट्रो में हमेशा सम संख्या 6 या 8 कोच होते हैं.

जर्नी के साथ भी जर्नी के बाद भी

यात्रा के साथ भी जी हाँ, ट्रेवलिंग के बाद भी दिल्ली मेट्रो में यात्रा कर रहें मेट्रो यात्री के लिए स्टेशन के नीचे ही साइकिल सवारी की सुविधा भी उपलब्ध है.

ये ही नहीं जो यात्री चल नही पाते है यानी विकलांग होते है उनके लिए व्हीलचेयर की सुविधा भी उपलब्ध होती है ताकि वह सही से प्लेटफार्म तक जा सकें.