बिहार विधानसभा के लिए जारी चुनावी दंगल में ‘जंगल राज’ एक मुद्दा बना हुआ है।नीतीश ने लालू-राबड़ी के जंगल राज के खिलाफ अभियान छेड़कर ही बीजेपी के साथ बिहार की सत्ता पर काबिज होने में कामयाब रहे थे। बहरह…
बिहार का चप्पा-चप्पा अपहरण, हत्या, बलात्कार, चोरी, डकैती, रंगदारी, भ्रष्टाचार आदि की घटनाओं से लबरेज था। विरोधियों ने तो यहां तक कह दिया कि लालू-राबड़ी के शासन में किडनैपिंग को उद्योग का दर्जा मिल गया…
बिहार पुलिस की वेबसाइट के मुताबिक, साल 2000 से 2005 की पांच साल की अवधि में 18,189 हत्याएं हुईं। इस आंकड़े को ध्यान में रखकर कोई भी अंदाजा लगा सकता है कि 15 सालों में 50 हजार से ज्यादा लोग मौत के घाट…
इन दोनों संगठनों ने एक-एक बार में सैकड़ों लोगों की हत्याएं कर बिहार की धरती को रक्तरंजित कर दिया था। भोजपुर के सहार स्थित बथानी टोला नरसंहार हो या जहानाबाद के अरवल स्थित लक्ष्णपुर बाथे कांड अथवा अरवल…
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लालू-राबड़ी के शासन में नौकरशाहों और अधिकारियों के हाथ-पांव फूले रहते थे, यह सोचकर कि ना जाने कब ट्रांसफर ऑर्डर आ जाए। कई बार तो आधी रात को ट्रांसफर ऑर्डर निकाल दिया जाता था। अधिकारी जब सुबह अखबार पढ़…
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