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सवाल 119- इस्लाम में 786 नंबर को क्यों पवित्र माना जाता है?

(फोटो: IANS)

दोस्तों और प्यारे साथियों आज एक बार फिर से आप लोगों के सवालों का जवाब देने के लिए हम आपकी सेवा में हाज़िर हो गए हैं। आप में से कइयों ने सवाल पूछा है कि ‘’इस्लाम में 786 नंबर को क्यों पवित्र माना जाता…

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जिस तरह से हिन्दू धर्म में ॐ निशान को पवित्र माना जाता है ठीक उसी प्रकार मुस्लिम धर्म में 786 अंक को पवित्र माना जाता है। 786 अंक को इस्लाम धर्म बहुत ज्यादा अहमियत दी जाती है। कई लोग इस अंक के नोट भी…

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इस अंक का विशेषकर पाकिस्तान, भारत और म्यांमार जैसे दक्षिण पूर्व एशिया में रहने वाले मुसलमानों के बीच लिखित में कुछ भी शुरू करने के दौरान '786' लिखने का एक आम चलन है। वे अपने साइन बोर्ड और अन्य दस्तावे…

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वहीं इस्लाम धर्म को मानने वाले लोग कहते हैं कि 786 नम्बर बिस्मिल्ला का रुप है। इसके पीछे तर्क भी दिया जाता है कि जब अरबी भाषा या ऊर्दू में बिस्मिल्ला अल रहमान अल रहीम लिखते हैं तो उन शब्दों का योग 786…

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बिस्मिल्ला अल रहमान अल रहीम के स्मरण को सीधा अल्लाह से जोड़कर देखा जाता है। इसे वरदान के रुप में माना जाता है। अंक ज्योतिष के अनुसार देखा जाए तो 786 को जोड़ने पर (7+8+6=21) 21 प्राप्त होता है। अब यदि 2…

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