रामायण की गाथा अपरम पार है। प्रभु श्रीराम ने जब वनवास धारण किया तब उन्होंने अपने सभी राजसी वस्त्र त्याग दिए और तपस्वियों के वस्त्र धारण करके नग्न पैर ही वे वन को निकल गए। रास्ते में उन्हें जब जो मिला…
ऐसे कई अवसर आए जबकि वे राजाओं का भोजन कर सकते थे क्योंकि वे जहां से भी गुजरे वहां के राजा ने उन्हें निमंत्रण दिया और उनके लिए सभी तरह के बंदोबस्त करने का निवेदन भी किया, लेकिन प्रभु श्रीराम ऋषि और मुन…
क्या आप जानते है , प्रभु राम के साथ पूजे जाने वाले लक्ष्मण किसका रूप है। लक्ष्मण किसी और का नहीं शेषनाग का अवतार थे।
शेषनाग जी ने श्री हरि विष्णु जी से अगले अवतार के लिए जो द्वापर युग में श्री कृष्ण के रूप में अवतरित होना था उसमें श्री विष्णु जी के बड़े भाई के रूप में अवतरित होने की विनती की जिसे श्रीहरि विष्णुजी ने…
भगवान राम के अनुज थे ‘लक्ष्मण’ जो 14 वर्ष के वनवास के समय उनके हमेशा साथ रहे। श्रीराम भगवान विष्णु के अवतार थे तो लक्ष्मण जी ‘शेषनाग’ के अवतार थे। शेषनाग जी ने श्री हरि विष्णु जी से अगले अवतार के लिए…
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