क्या देश के इतिहास को दोबारा लिखे जाने की जरूरत है? जी हाँ, आज हम आपको एक ऐसी खबर से रूबरू कराने जा रहे है, जिससे आपके मन में भी यही सवाल खड़ा हो सकता है कि क्या वाकई देश के इतिहास को दोबारा लिखे जाने…
जी हाँ, आपने सही पढ़ा, एक ऐसा शख्स है, जिसने कहा है कि देश के इतिहास को दुबारा लिखने की जरूरत है। उफ्फ, आपके सस्पेंस को खत्म करते है। खबर के मुताबिक, नेताजी सुभाष चंद्र बोस के प्रपौत्र चंद्र बोस का कह…
साथ ही नेताजी के प्रपोत्र चंद्र बोस ने अंडमान-निकोबार द्वीप का नाम बदलकर शहीद और स्वराज द्वीप रखे जाने की मांग करते हुए कहा कि सुभाष चंद्र बोस ने यही नाम रखा था। आपको बता दें कि स्वाधीनता संग्राम के न…
सुभाष चंद्र बोस 18 अगस्त 1945 को मंचूरिया की ओर जा रहे थे, तभी उनका विमान लापता हो गया और फिर नेताजी कभी नजर नहीं आए। आपको याद दिला दें कि 23 अगस्त, 1945 को टोकियो रेडियो ने बताया कि सैगोन आते वक्त 18…
बहरहाल, देश का इतिहास दोबारा लिखा जाना चाहिए या नहीं, यह तो सरकार पर निर्भर करता है, लेकिन बड़ा सवाल यह खड़ा होता है कि अभी तक कहां थे नेताजी के प्रपोत्र।
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