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गणेश जी के दांत से कौन से ग्रंथ की रचना हुई थी ?

(फोटो: IANS)

भगवान गणेश को बुद्धि , विद्या , धैर्य और लेखनी का स्वामी माना जाता है। किसी भी नई चीज़ कि शुरुआत करे और गणेश जी को न पूजे तो वो चीज़ अधूरी रह जाती है। बुद्धि और लेखन शक्ति के कारण उन्होंने ऐसे महान ग्रं…

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बात उस समय की है जब महर्षि वेदव्यास महाभारत नाम के महाकाव्य की रचना करने जा रहे थे। अपने महाकाव्य के लिए वे एक ऐसा लेखक कि जरूरत थी , जो उनके विचारों की गति को बीच में बाधा न डाले और महाभारत जैसे महँ…

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इस क्रम में उन्हें भगवान गणेश की याद आई और उन्होंने आग्रह किया कि श्री गणेश उनके महाकाव्य के लेखक बनें। गणेश जी ने उनकी बात मान ली, लेकिन साथ ही एक शर्त रखी थी , उसके अनुसार गणेश जी की शर्त थी कि महर्…

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महर्षि व्यास ने बहुत अधिक गति से बोलना शुरू किया और उसी गति से भगवान गणेश ने महाकाव्य को लिखना जारी रखा। इस गति के कारण एकदम से गणेश जी की कलम टूट गई, वे ऋषि की गति के साथ तालमेल बनाने में चूकने लगे।…

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गणेश जी के दाँत से महाभारत जैसे महँ ग्रन्थ की रचना हुई। वहीं ऋषि भी समझ गए कि गणेश जी की त्वरित बुद्धि और लगन का कोई मुकाबला नहीं है। इसी के साथ उन्होंने गणेश जी को नया नाम एकदंत दिया। तब से गणेश जी ए…

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