जैन धर्म बहुत पुराना धर्म है. प्राचीन भारत के इतिहास में जैन धर्म का विशेष महत्व है. जैन शब्द की उत्पत्ति की बात करें तो यह संस्कृत भाषा के जिन् शब्द से बना है, जिसका अर्थ होता है – विजेता ( जितेंद्रि…
जैन धर्म के प्रथम तीर्थकर ऋषभदेव या आदिनाथ थे. जैन धर्म को मानने वालों का विश्वास है कि जैन धर्म के सबसे महान् धर्मपदेष्टा महावीर स्वामी थे. इससे पहले जैन धर्म के 23 तीर्थकर थे तथा महावीर स्वामी जैन ध…
महावीर स्वामी का जन्म 540 ई. पू. वैशाली के कुण्डग्राम के निकट बिहार में हुआ था. 30 वर्ष की आयु में महावीर स्वामी ने अपना गृह त्याग कर दिया था. जिसके बाद 12 वर्षों तक तपस्या करने के बाद इनको ज्ञान की प…
जैन धर्म में देवताओं के अस्तित्व को तो स्वीकार किया गया है. लेकिन उनका स्थान जिन से नीचे रखा गया है. अगर हम देखें कि जैन धर्म के व्यक्ति कहाँ पूजा करते हैं, तो जैन धर्म में पूजा करने के लिए जैन मंदिर…
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जैन समाज में कई मंदिर ऐसे भी होते हैं, जहां मूर्ति के स्थान पर जिनवाणी रखी जाती है. ऐसे मंदिर चैत्यालयों के नाम से जाने जाते हैं. इनमें जैन धर्म की एक शाखा दिगंबर जैन तारणपंथी पूजा करते हैं.
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