देशद्रोह पर कोई भी कानून 1859 तक नहीं था. इसे 1860 में बनाया गया और फिर 1870 में इसे आईपीसी में शामिल कर दिया गया. कहते है कि देशद्रोह एक गंभीर अपराध है. बहुत से ऐसे लोग होते है जो इसके बारे में नही ज…
देश की सत्ता को गैरकानूनी तरीके से चुनौती नहीं दी जा सकती. इसके लिए हथियार आदि उठाना या फिर देश की सत्ता को गैरकानूनी तरीके से चुनौती देने वालों का साथ देना देशद्रोह की श्रेणी में आता है. जिससे कुछ लो…
देशद्रोह के खिलाफ ऐक्शन देश विरोधी गतिविधियों में अगर कोई संगठन या पार्टी प्रत्यक्ष रूप से या अप्रत्यक्ष रूप से लिप्त है. तो सरकार नोटिफिकेशन जारी कर उन्हें बैन कर देती है. सरकार ने माओवादी संगठन से ल…
देशद्रोही के लिए कानून भारतीय दंड संहिता की धारा-121 में देश के खिलाफ युद्ध करने वालों को यह सजा दी जाती है. इसमें यह प्रावधान है कि अगर कोई भी शख्स देश के खिलाफ युद्ध करता है या फिर इसका प्रयास करता…
आईपीसी की धारा-121 ए के तहत ऐसे किसी अपराध के लिए साजिश रचने के लिए 10 साल कैद या फिर उम्रकैद की सजा का प्रावधान किया गया है. देश के खिलाफ युद्ध की साजिश रचने वालों के खिलाफ या फिर ऐसे लोग जोकि सांठगा…
आईपीसी की धारा 122 के तहत जो भी कोई भारत सरकार के विरुद्ध युद्ध करने, या युद्ध करने की तैयारी करता है, या फिर गोलाबारूद को इकट्ठा करेगा, युद्ध करने की तैयारी करेगा, तो उसे आजीवन कारावास की सजा हो सकती…
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