21-वीं सदी में जहाँ एक शादी करके भी गुजारा करना मुश्किल हो जाता हैं वहीं पुराने ज़माने में राजा महाराजा एक नहीं बल्कि दो-चार शादियाँ किया करते थे। अगर हम किसी राजा की कई शादियों के बारे में बात करें तो…
अगर आज के ज़माने में तीन शादियाँ करने की बात की जाए तो सुनने में बहुत अच्छा लगेगा लेकिन उन शादियों को निभाना शायद गंगा में जौ बोने के सामान होगा। अगर यही बात किसी शादीशुदा आदमी को कही जाए तो वह बोलेगा…
कभी कभी हमें पढ़ने को मिल जाता है कि किसी राजा की हफ्तों के दिनों के हिसाब से रानियाँ थी। राजा हफ्ते के हर दिन अलग रानियों के साथ सोया करता था। आखिर ऐसा क्या कारण था कि राजा महाराजा एक से ज्यादा शादिया…
इनमे सबसे बड़ा कारण यह है कि क्योकि राजा महाराजा हमेशा किसी राज्य या कुनबे के मुखिया होते थे तो उनके लिए आर्थिक तौर पर कई शादियाँ कर लेना कोई बात नहीं थी। वे अपने लिए एक से ज्यादा शादियाँ करने के खर्चे…
दूसरा कारण यह था कि राजा महाराजा राज्य के सबसे बड़े पद पर होने के नाते उन्हें राज्य जो भी लड़कियां पसंद आती थी उन्हें वे शादी का प्रस्ताव दे देते थे। क्योकि वे राजा होते थे तो उन्हें किसी का भय नहीं रहत…
तीसरा मुख्य कारण यह था कि चूंकि राजा महाराजा अपने दरबार में नर्तकियों को नचाते थे लेकिन उनके साथ सोना उन्हें बिना शादी के अमर्यादित लगता था, क्योकि उनके दरबार में साधु महात्मा भी रहा करते थे तो राजा उ…
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