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क्या है तिरंगे में तीन रंगों का महत्व ?

(फोटो: IANS)

15 अगस्त 1947 को हमारा देश आज़ाद हुआ था ,और उसके बाद से हीं देश में स्वतंत्रता दिवस मनाने की प्रथा है । लाल किले के प्राचीर से प्रधानमंत्री राष्ट्रीय झंडा तिरंगा फहराया जाता है। हमारा तिरंगा देश की एक…

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तब सभी भारतवासी मतांतर और संघर्षो को भूलकर तिरंगे के नीचे एक सूत्र में बंध जाते है। यही हमारे तिरंगे की सबसे बड़ी पहचान है। तिरंगे में तीन केसरिया, सफेद और हरे रंग होते हैं जो बहुत कुछ कहता है।जानिए,…

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नीले रंग का चक्र जीवन में गतिशीलता को दर्शाता है। इसकी तीलियां धर्म के 24 नियम बताती है। भारत के राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे के रंगों की तरह इसकी बनावट भी खास है। झंडे की लंबाई और चौड़ाई का अनुपात 2:3 होता ह…

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पहले राजकीय जगहों को छोड़कर किसी और स्थान पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने की अनुमति नहीं थी। बाद में 26 जनवरी 2002 में ध्वज संहिता में संशोधन किया गया। अब कोई भी भारतीय नागरिक घरों, कार्यालयों और फैक्टरियों…

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तिरंगे पर न तो कुछ भी लिखा होना चाहिए और ना ही छपा होना चाहिए। तिरंगा गाड़ी पर सामने में बीचोंबीच या कार के दाईं ओर लगाया जाए। फटा या गंदा तिरंगा नहीं फहराया जाए। किसी दूसरे झंडे को तिरंगे से ऊंचा या…

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तिरंगे का इस्तेमाल सांप्रदायिक लाभ के लिए उपयोग नहीं किया जा सकता। तिरंगे को पानी या फर्श पर नहीं रखा जा सकता है और ना ही इसे रेल, नावों तथा हवाई जहाज पर लपेटा जा सकता है।

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