भारत के प्राचीन इतिहास और वर्तमान की बात करें, तो भारत में गोत्र व्यवस्था का विशेष स्थान रहा है. भारत में अनेंक गोत्र पाए जाते हैं. ऐसे ही चौबे गोत्र भी भारत में पाया जाता है. अगर आप भी चौबे गोत्र से…
ऐसा माना जाता है कि ईसा पूर्व अयोध्या साम्राज्य के गुरुकुल आश्रमों से कई विद्यार्थियों को ब्राह्मण वृत्ति के लिए मथुरा सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों में भेजा गया. इन विद्यार्थियों में चौबे और चत…
साढ़े चार दशकों तक चौबे लोगों के जरिए कुमाऊं और मथुरा के बीच गहरे संबंध रहे. 1955 में संबंधों की यह कड़ी टूट गई. देघाट के कोटस्यारी निवासी गिरीश चतुर्वेदी और कविदत्त चतुर्वेदी के अनुसार कोटस्यारी गांव…
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मंडलसेरा निवासी भुवन चौबे का कहना है कि उनके पूर्वज स्वयं को भगवान राम द्वारा ब्राह्मण वृत्ति के लिए स्थापित किए गए लोगों के वंशज मानते हैं. जो मथुरा में रहते थे. पांच सौ साल पहले वे कैलाश मानसरोवर या…
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