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कुल देवता की मान्यता क्या है और क्यों हर कुल के देवता अलग होते हैं?

(फोटो: IANS)

हिन्दू धर्म में पारिवारिक आराध्य व्यवस्था में कुल देवता या कुलदेवी का स्थान सदैव उच्च रहा है। हर हर मे कुलदेवी या देवता की पूजा होती है। प्रत्येक हिन्दू परिवार किसी न किसी ऋषि के वंशज हैं । जिनसे उनके…

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ताकि एक आध्यात्मिक और पारलौकिक शक्ति कुलों की रक्षा करती रहे । जिससे उनकी नकारात्मक शक्तियाँ, उर्जाओं और वायव्य बाधाओं से रक्षा होती रहे तथा वे निर्विघ्न अपने कर्म पथ पर अग्रसर रह उन्नति करते रहे। भार…

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जन्म, विवाह आदि मांगलिक कार्यों में कुलदेवी या देवताओं के स्थान पर जाकर उनकी पूजा की जाती है या उनके नाम से स्तुति की जाती है। इसके अलावा एक ऐसा भी दिन होता है जबकि संबंधित कुल के लोग अपने देवी और देव…

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सवाल यह है कि कुल देवता और कुलदेवी सभी के अलग-अलग क्यों होते हैं? इसका उत्तर यह है कि कुल अलग है, तो स्वाभाविक है कि कुलदेवी-देवता भी-अलग अलग ही होंगे। दरअसल, हजारों वर्षों से अपने कुल को संगठित करने…

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मान लो कोई व्यक्ति गुजरात में रहता है लेकिन उसके कुलदेवी और देवता राजस्थान के किसी स्थान पर हैं। यदि उस व्यक्ति को यह मालूम है कि मेरे कुलदेवी और देवता उक्त स्थान पर हैं, तो वह वहां जाकर अपने कुल के ल…

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