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क्या होती है ‘पपराजी’ पत्रकारिता? कैसे होता है यह काम?

(फोटो: IANS)

जब कोई फोटोग्राफर किसी हस्ती की बिना इजाजत या चुपके से तस्वीर खींच लेता है और बाद में फोटो के संदर्भ में कोई आर्टिकल लिखा जाता है तो वह 'पपराजी पत्रकारिता' कहा जाता है और…

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‘पपराजी’ की उत्‍पत्ति महान इतालवी फिल्‍मकार फेरेरिको फेलिनी की 1960 में बनी फिल्‍म ‘ला डोल्‍से विटा’ नाम की फिल्‍म के एक पात्र ‘पपराजो’ से हुई। इस फिल्म में एक फ्रीलांस फ…

(फोटो: IANS)

भारत में ऐसा देखा गया है कि प्रेस फोटोग्राफर ही पपराजी की भूमिका निभाते हैं। उनकी द्वारा ही खींची गयी फोटो ही गॉसिप बनती हैं। हालांकि पपराजी पत्रकारिता के हथकण्‍डे खोजी प…

(फोटो: IANS)

पपराजी पत्रकारिता यूरोप में ज्यादा मशहूर हुई है। वहाँ मशहूर हस्तियों के निजी जीवन में ताक-झांक का चलन रहा है, इसलिए पपराजी लोगों का व्‍यवसाय भी खूब फलता-फूलता रहा। पपराजी…

(फोटो: IANS)

यूरोप में दो मशहूर पपराजी फोटोग्राफर्स हुए। उनका नाम था जैम्‍स टेलर और बेन ब्रेट। नाम के दो पपराजी 22 साल की उम्र में ही यूरोप के सबसे चर्चित फोटोग्राफर बन गए। ये दोनों र…

(फोटो: IANS)

जैम्‍स टेलर और बेन ब्रेट पहले मामूली फोटोग्राफर थे। एक रात अचानक इन्‍हें अभिनेत्री विक्टोरिया बेखम के साथ अभिनेता डेविड दिखाई पड़े। इनका यह फोटो 30 हजार पाउण्‍ड का बिका। इ…

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