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किसान के जीवन में आत्मनिर्भरता किन-किन रूपों में देखी जा सकती है

(फोटो: IANS)

भारत एक कृषि प्रधान देश है. जिसकी जनसंख्या का बहुत बड़ा हिस्सा कृषि से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ा हुआ है. किसान के जीवन में आत्मनिर्भरता के कई रूप हो सकते हैं. लेकिन इन रूपों को जानने से पहल…

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आत्मनिर्भरता का साधारण शब्दों में अर्थ होता है कि जब हम अपना जीवन निर्वाह करते हैं, तो उसके लिए हमें दूसरे के सहयोग की आवश्यकता नहीं हो. ये सहयोग किसी भी रूप में हो सकता है.

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मानव एक सामाजिक प्राणी है. उसके लिए पूरी तरह से आत्मनिर्भर होना संभव नहीं हो सकता. लेकिन हम कोशिस कर सकते हैं, ज्यादा से ज्यादा आत्मनिर्भर होने की. किसानों की बात करें तो किसान काफी बड़ी संख्या में गर…

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किसान की समस्या का समाधान तभी हो सकता है, जब किसान ज्यादा से ज्यादा आत्मनिर्भर होगा. किसान के आत्मनिर्भर होने के कई रूप हो सकते हैं. अगर आत्मनिर्भरता की तरफ कदम उठाना शुरू करें तो किसान प्राकृतिक खेती…

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इसके अलावा छोटे किसान मिलकर अपना एक समूह बना सकते हैं. जिससे खेती से प्राप्त होने वाले कच्चे माल को बेचनें के लिए पहले ही किसी कंपनी से समझौता कर सकते हैं. जिससे वो बिचौलियों के चंगुल से बच पाएं तथा क…

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