श्रीराम चरित्र पर कई भाषाओं में ग्रंथ लिखे गए हैं, लेकिन इसमें दो ग्रंथ प्रमुख माने जाते हैं. पहले वाले ग्रंथ को महर्षि वाल्मीकि द्वारा लिखा गया है. जिसमें रामायण के इस प…
दूसरा ग्रंथ गोस्वामी तुलसीदास द्वारा लिखा गया है. जिसे 'श्री रामचरित मानस' कहा गया. इसमें महर्षि वाल्मीकि की रामायण को सबसे सटीक और प्रामाणिक माना जाता है, लेकिन श्रीराम…
रामायण के कुछ रहस्य ऐसा माना जाता है कि हिंदू धर्म में तैंतीस करोड़ देवी-देवताओं की मान्यता है. वहीं रामायण के अरण्यकांड के चौदहवे सर्ग के चौदहवे श्लोक में सिर्फ तैंतीस द…
रामायण में राजा दशरथ ने पुत्र की प्राप्ति के लिए पुत्रेष्ठि यज्ञ करवाया था. जिस यज्ञ को ऋषि ऋष्यश्रृंग ने पूरा किया था. बता दें कि ऋष्यश्रृंग के पिता का नाम महर्षि विभाण्…
महर्षि वाल्मीकि द्वारा लिखी गई 'रामायण' में सीता स्वयंवर का वर्णन नहीं किया गया है. रामायण के अनुसार भगवान श्रीराम व लक्ष्मण ऋषि विश्वामित्र के साथ मिथिला पहुंचे, जहां वि…
विश्व विजय के बाद रावण कैलाश की और जा रहा था तभी उसे रंभा नाम की अप्सरा दिखाई दी. रंभा कुबेर के बेटे नलकुबेर के पास जा रही थी. जहां रावण ने उसे पकड़ लिया. तभी रंभा ने राव…
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