भारत के उपराष्ट्रपति श्री एम. वेंकैया नायडू भारत की हालात पर बात करते हुए कुछ मुद्दों के प्रति चेताया. उन्होनें कहा कि अल्पकालिक अवधि की माफियों और मुफ्त उपहार कभी भी देश की गरीबी को दूर नहीं कर सकतें…
इसके साथ उपराष्ट्रपति जी ने ये भी कहा कि देश के नीति निर्माताओं को गरीबी दूर करने के लिए दीर्घकालिक नीति, समाधान ढूंढ़ने पर ध्यान देना चाहिए. इसके साथ ही श्री एम. वेंकैया नायडू जी ने अनुरोध किया कि जो…
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अपने स्वार्थ के लिए दल-बदलने वाले विधायकों और सांसदों के बारे में भी विचार प्रकट करते हुए कहा कि दल - बदल का कारण नीति मतभेद हो तो ठीक लेकिन आजकल सिर्फ अपने स्वार्थ के लिए दल-बदलने का चलन चला हुआ है.…
उपराष्ट्रपति जी ने कहा कि लोकतांत्रिक में जनता का निर्णय ही सर्वोच्च होता हैं, लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि कुछ लोगों ने जनादेश के प्रति असहिष्णु भाव विकसित कर लिए है। उन्होंने संसद तथा राज्य विधानपाल…
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