नवरात्रि पर मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है और इस समय लोग मां के तीर्थ स्थानों की भी यात्रा करते हैं. जिनमें से मां वैष्णों देवी मंदिर में, हिंदू धर्म के लोगों की बड़ी आस्था होती है, लेकिन क…
त्रेतायुग में कई सारी असुरी शक्तियों का आतंक था. राक्षसों के आतंक से त्रिदेव भी परेशान थे कि उनके दिए हुए वरदान ही पृथ्वीं लोक पर आतंक का कारण बन रहे हैं. यह देखकर मां काली, मां लक्ष्मी और मां सरस्वती…
वहीं दूसरी और संतानहीन रत्नाकर सो रहे थे तो उनके सपने में आकर इस बात को बोध कराया कि उनके यहां एक पुत्री जन्म लेगी. जिसके भक्तों की संख्या कई गुना होगी. कुछ समय के बाद ही रत्नाकर के घर पुत्री का जन्म…
जब त्रिकुटा ने घर को त्याग कर समुद्र किनारे तपस्या करने की बात अपने माता पिता को बताई, तो वह तैयार हो गए. क्योंकि उन्हें पता था कि उनकी पुत्री कोई साधारण बालिका नहीं है. बल्कि उसमें दिव्य शक्ति है. इस…
एक दिन सीता माता की खोज में पहुंचे प्रभु श्री राम पर त्रिकुटा की नजर पड़ गई. वह तत्काल ही पहचान गईं की, यह कोई और नहीं बल्कि भगवान विष्णु के अवतार हैं. वह प्रभु श्री राम के पास गई और पुष्प अर्पित कर उ…
अगर तुम मुझे पहचान गईं, तो मैं तुम्हारी इच्छा अवश्य पूर्ण होगी. यह कहकर वह सीता जी की खोज में निकल गए, काफी समय बीत गया लेकिन वैष्णवी का भगवान श्री राम के प्रति इंतजार समाप्त नही हुआ. तब एक दिन वृद्ध…
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