त्रिपुरा में पिछले विधासभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) अपना खाता भी नहीं खोल पाई थी, इस बार राज्य में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। इस बार खबर लिखे जाने तक बीजेपी त्रिपुरा में 41 सीटों पर आ…
रिपोर्ट्स के मुताबिक सुनील देवधर ने पूर्वोत्तर के राज्यों में लोगों से अच्छी तरह जुड़ने के लिए उन्हीं की भाषाएं सीखीं। उन्होंने बूथ स्तर पर जाकर काफी काम किया। वह मेघालय के खासी और गारो जनजाति के लोगो…
उन्होंने बताया कि यहां कांग्रेस में अच्छे नेता रहे हैं और उन्हें नाराज मार्क्सवादी नेताओं को भी पार्टी में जोड़ने का मौका मिला। इससे राज्य में बीजेपी का दायरा बढ़ता गया और पार्टी मजबूत होती चली गई। वि…
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