हर आदमी अपनी ज़िन्दगी में एक जीवनसाथी चाहता है। इसके लिए समाज में वैवाहिक जीवन की परंपरा है। सुखद वैवाहिक जीवन जीने के लिए हर आदमी एक अच्छी पत्नी की चाहत रखता है। भारतीय शास्त्रों में श्लोक के जरिये कु…
शास्त्रों में पत्नी को पति का आधा अंग माना गया है। इसीलिए कहा जाता है इंसान तब तक अधूरा है जब उसका जीवनसाथी उसे नहीं मिल जाता है। इस बारें में गरुण पुराण के बारे में बताया गया है। गरुण पुराण में एक श्…
'सा भार्या या गृहे दक्षा सा भार्या या प्रियंवदा। सा भार्या या पतिप्राणा सा भार्या या पतिव्रता' .. आइये अब श्लोक के हर एक अक्षर का मतलब जानते हैं। इस श्लोक में गृहे दक्षा का मतलब वह वह स्त्री जो घर के…
इस श्लोक में प्रियंवदा एक शब्द आया है जिसका मतलब होता है वह स्त्री जो बहुत मीठा बोलती हो, जो अपनी वाणी से सबको मोहित कर लेती हो। ऐसी स्त्री का घर में होने से कभी भी परिवार में क्लेश नहीं होता है।
इसके अलावा इस श्लोक में एक शब्द आया है पतिप्राणा- इस शब्द का मतलब होता है वह स्त्री जो अपने पति की हर बात ध्यान से सुने और उसका पालन करें। ऐसी स्त्री कभी भी अपने पति को चोट पहुंचाने वाला काम नहीं करती…
पतिव्रता शब्द का मतलब लगभग सभी जानते हैं। जो स्त्री पतिव्रता होती है उसका दाम्पत्य जीवन काफी सुखमय रहता है। पतिव्रता स्त्री अपने पति के अलावा किसी गैर मर्द के बारें में नहीं सोचती हैं। पतिव्रता स्त्री…
पूरी खबर News4Social पर पढ़ें