पाकिस्तान के रावलपिंडी में एक फांसी हुई थी ,यह फांसी मिली जुल्फिकार अली भुट्टो को हुई थी. वह कोई आम शख्स नहीं थे बल्कि उस मुल्क के ताकतवर राजनेताओं में से एक थे। पाकिस्तान के 9वें प्रधानमंत्री के बारे…
3 सितंबर 1977 को सेना ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। उन पर मार्च 1974 में विपक्षी नेता की हत्या का आरोप लगा था। भुट्टो का मुकदमा स्थानीय कोर्ट के जगह सीधे हाई कोर्ट में चला। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि…
फांसी दिए जाने से एक दिन 3 अप्रैल को शाम 6.05 बजे जेल के अधिकारियों, मैजिस्ट्रेट और डॉक्टर ने भुट्टो को बताया कि सुप्रीम कोर्ट में उनकी फांसी की सजा के खिलाफ अपील रद्द हो गई है। यह खबर सुनकर भुट्टो के…
उसके बाद उन्हें एक स्ट्रेचर पर लिटा कर कुछ दूर ले जाया गया। भुट्टो को फांसी पर लटकाने के लिए जल्लाद पहले से ही तैयार था। जैसे ही घड़ी में देर रात 2 बजकर 4 मिनट हुए, जल्लाद ने भुट्टो के कान में कुछ फुस…
यह भी पढ़ें :इंदिरा गांधी ने गांधी उपनाम क्यों अपनाया ?
फांसी चढ़ने के कुछ देर बाद एक खुफिया एजेंसी के फटॉग्रफर ने भुट्टो के गुप्तांगों की फोटो खींची। दरअसल, प्रशासन इस बात की पुष्टि करवाना चाहता था कि भुट्टो का इस्लामी रीति से खतना हुआ था या नहीं। हालांकि…
पूरी खबर News4Social पर पढ़ें