2014 के दौरान लोकसभा चुनाव का दौर याद कीजिये. चारो तरफ विकास और तथाकथित ‘अच्छे दिन’ लाने की गूँज थी. वर्तमान प्रधानमंत्री और उस समय भाजपा द्वारा घोषित प्रधानमंत्री पद के…
असल में बहुमत मिलना एक बड़ी जिम्मेदारी भी होती है. आपको उन उम्मीदों पर खरा उतरना होता है, क्योंकि चुनाव तो हर पांच साल में होते हैं, हुक्मरानों को हर पांच सालो में जनता क…
नोटबंदी की अगर बात करें तो छोटे धंधो को चौपट करने का काम सरकार के इसी फैसले ने किया है. जो धंधे नकदी लेन-देन और उधारी पर चलते थे, उन व्यापारियों के पास तो बंद होने के सिव…
आकड़ो की ही जानिब से आगे बढ़ें तो पाएंगे की बेरोजगारी की रिपोर्ट्स अपने चरम पर है, 1991 के उदारीकरण के बाद से युवा सबसे अधिक बेरोजगार है. 23 मई को जो भी सरकार चुनी जायेगी…
गुमराह करने की राजनीति, और मुद्दों से भटकाव शायद भारतीय राजनीति की यही नियति बन चुकी है, फिलहाल जनता का फैसला आने में अभी वक़्त है. 23 मई को क्या होता है, देश का फैसला उस…
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