गौतम बुद्ध का जन्म लुंबिनी में 563 ईसा पूर्व इक्ष्वाकु वंशीय क्षत्रिय शाक्य कुल के राजा शुद्धोधन के घर हुआ और उनकी माता का नाम महामाया था. वह कोलीय वंश की थी. जिनकी मृत्य…
गुरु विश्वामित्र गुरू विश्वामित्र से सिद्धार्थ ने वेद और उपनिषद् के साथ ही राजकाज और युद्ध-विद्या की शिक्षा ग्रहण की थी. उस समय में तीर-कमान, कुश्ती, घुड़दौड़ और रथ को ह…
गुरु अलारा कलम और उद्दाका रामापुत्त सिद्धार्थ ज्ञान की तलाश में अलारा कलम और उद्दाका रामापुत्त गूरूओं के पास जा पहुंचे. जहां से उन्होंने योग-साधना सीखी. कई माह तक योग करन…
प्रमुख शिष्य थे आनंद, अनिरुद्ध, महाकश्यप, रानी खेमा , महाप्रजापति , भद्रिका, भृगु, किम्बाल, देवदत्त, उपाली आदि इनमें से कुछ ऐसे थे जो हमेशा से चर्चा में बने रहे.
प्रमुख शिष्य आनंद - यह गौतम बुद्ध और देवदत्त के भाई थे जोकि बुद्ध के दस सर्वश्रेष्ठ शिष्यों में से एक रहे है. आनंद अपने स्मरण शक्ति के लिए प्रसिद्ध थे
महाकश्यप - यह तथागत के नजदीकी शिष्य बन गए थे. इन्होंने प्रथम बौद्ध अधिवेशन की अध्यक्षता की थी और मगध के ब्राह्मण भी थे.
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