तमिलनाडु के गुडालूर वन रेंज में एक बाघ की लगातार मौजूदगी ने स्थानीय लोगों और अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है। विमलागिरी इलाके में पिछले दो हफ्तों से यह बाघ अक्सर इंसानी बस…
मुख्य वन्यजीव वार्डन राकेश कुमार डोगरा ने बताया कि बाघ के बार-बार दिखने से टकराव की आशंका बढ़ गई थी, जिस वजह से उसे पकड़ने का फैसला लेना ज़रूरी हो गया। विभाग ने स्पष्ट कि…
संभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) पी. देवराज के अनुसार, विमलागिरी में जंगल का दायरा बहुत सीमित है और यहां ज्यादातर रिहायशी इलाके, खेत और चाय-कॉफी के बागान हैं। इस वजह से बाघ का…
बाघ की गतिविधियों पर नज़र रखने के लिए 25 कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं।
उसे पकड़ने के लिए कई जगहों पर पिंजरे भी रखे गए हैं।
पशु चिकित्सकों की टीम भी तैयार है, जो सही मौका मिलने पर बाघ को ट्रैंक्विलाइजर (बेहोश करने वाला इंजेक्शन) दे सकती है।
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