इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड और उससे जुड़ी कंपनियों पर लगे वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोपों की जांच अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) करेगी। समाचार एजेंसी IANS क…
यह आदेश सिटीजन्स व्हिसलब्लोअर फोरम द्वारा दायर एक याचिका के बाद आया है, जिसमें कंपनी पर संदिग्ध लोन लेनदेन, फंड का दूसरे कामों में इस्तेमाल, शेयरों की कीमतों में हेरफेर औ…
इस मामले में कुछ लेन-देन की जांच पहले दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) कर चुकी है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सीबीआई अपनी जांच के दौरान EOW के निष…
याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए वकील प्रशांत भूषण ने दलील दी कि RBI के नियमों के मुताबिक, 50 करोड़ रुपये से अधिक के बैंक फ्रॉड की जांच CBI द्वारा की जानी चाहिए। उन्होंने कहा…
सुनवाई के दौरान CBI के वकील ने बताया कि 1,574 करोड़ रुपये के एक लेन-देन की जांच के लिए उनकी अर्जी मुंबई में विशेष पीएमएलए अदालत के समक्ष लंबित है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने…
अदालत ने EOW को भी लगभग 1,574 करोड़ रुपये के छठे लेन-देन से जुड़ी अपनी लंबित जांच पूरी करने और एक नई स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने यह भी साफ किया…
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